एनएचएआई में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर डिजाइन मंजूर
गाड़ियां जितने किमी सफर करेंगी, उसी हिसाब से फास्टैग से टोल कटेगा
नहीं होगा टोल प्लाजा, 14 प्रवेश और निकासी द्वारों के रैम्प पर होंगे टोल
ई-रिक्शा, आटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, बैलगाडी, ईक्का-तांगा पर होगा बैन
मंधना सबसे बड़ा जंक्शन होगा, आटा-उन्नाव-सचेण्डी, रूमा व रमईपुर जंक्शन बनेंगे
न्यूजप्लस डेस्क। कानपुर में आउटर रिंग रोड का निर्माण शुरू हो गया है। एनएचएआई ने कानपुर की आउटर रिंग रोड को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर डिजाइनिंग को मंजूर किया है। रिंग रोड पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ियां फर्राटा भर सकेंगी। साथ ही रिंग रोड पर क्लोज्ड टोलिंग व्यवस्था लागू होगी यानी वाहन रिंग रोड पर जितनी दूरी तय करेगा, उसी हिसाब से उससे टोल लिया जाएगा। टोल का सिस्टम रिंग रोड के 14 प्रवेश और निकासी बिन्दुओं पर ही लगाया जाएगा।
रिंग रोड सिक्सलेन स्ट्रक्चर की बनाई जाएगी। इसमें ई-रिक्शा, आटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, बैलगाडी, ईक्का-तांगा के प्रवेश पर प्रतिबंध होगा। सिर्फ बसें, कारें, दोपहिया वाहन, ट्रक और लोडर की आवाजाही कर सकेंगे। ओवरलोड वाहनों को टोल उसी हिसाब से फास्टैग से देना होगा क्योंकि सेंसर सभी वाहनों के लोड को रीड कर सकेगा।
रिंग रोड में मंधना सबसे बड़ा जंक्शन होगा। यह जंक्शन ऐसा होगा, जिससे हर वाहन को रिंग रोड का सारा ब्योरा भी मिलेगा। इसके अलावा आटा-उन्नाव-सचेण्डी, रूमा व रमईपुर भी जंक्शन बनाए जाएंगे।
क्या बोले जिम्मेदार --
रिंग रोड की डिजाइन ईस्टर्न एक्सप्रेस वे की तर्ज पर तैयार की गई है। प्रवेश और निकासी बिन्दु रैम्प के सहारे बनाए जाएंगे। कोई भी वाहन इन बिन्दुओं से आवाजाही कर सकेंगे। रिंग रोड विदेश हाईवे की तस्वीर दिखाएगा। अगले साल से निर्माण मंधना-सचेण्डी से शुरू कर दिया जाएगा।
-पंकज यादव , प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई



