न्यूज प्लस डेस्क, दिल्ली। गैस चेम्बर बने दिल्ली-एनसीआर के लोग आजकल, सीने में जलन...आंखों में तूफान सा क्यों है...गा रहे हैं। जी हां दिल्ली-एनसीआर की हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है। सांस लेना मुश्किल हो रहा है, आखों में जलन हो रही है। सुप्रीम कोर्ट इसको लेकर नाराज है, आज सुनवाई में कहा दिल्ली सरकार आदेशों का पालन कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है, एक-दो दिन और सख्त निर्दश जारी हो सकते हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व में तीन जजों की बेंच ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कहाकि जब प्रदूषण स्थिति बेहद खराब हो गई तब सरकार कदम उठाने शुरू कर करती है। इतने प्रदूषण में भी कुछ स्कूलों की स्पोर्ट एक्टिवटी जारी रखने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने अपने यहां सुनवाई भी वीडयो कांफ्रेसिंग से करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट तो प्रदूषण पर गंभीर है लेकिन सरकारें नहीं, केवल दिल्ली एनडीआर ही नहीं यूपी के कई जिलों में भी AQI 400-450 के बीच पहुंच गया है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, लोगों को कोविड याद आ रहा है जब सारे लोग मास्क लगाकर घरों से निकलते थे आज हवा ही इतनी खराब है कि सीधे सांस लेने को मना किया जा रहा है।
स्थिति जब बेहद खराब हुई तो दिल्ली सरकार ने ग्रैप-4 लागू किया है, हर तरह के निर्माण के अलावा डीजल व कामर्शियल वाहनों को रोक लगा दी गई है। दिल्ली सरकार पर प्रहार शुरू हुआ तो राजनीति शुरू हो गई। फिर भाजपा के लोग कहने लगे कि आप ने इतना खराब दिल्ली दिया है कि उसमें सुधार करने में समय लग रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सत्ता पक्ष का प्रदूषण और आम आदमी के मुद्दों पर ध्यान ही नहीं है।



