न्यूज प्लस डेस्क, नई दिल्ली। अगले माह यानी अप्रैल से हवाई किराया फिर से आसमान छू सकता है, सरकार ने घरेलू किराए पर अधिकतम 18000 रुपये की सीमा हटा ली है। अब एयरलाइंस फिर से मनमानी तरीके से किराया बढ़ा सकती हैं। सरकार ने यह जरूर कहा है कि एयरलाइंस जिम्मेदारी से काम करें, किराया उचित और पारदर्शी होना चाहिए और उसकी ओवरचार्जिंग पर नजर रहेगी।
गर्मी की छुट्टियों में अगर आप हवाई यात्रा का मन बना रहे हैं तो यह खबर आपकी जेब पर भारी पड़ने वाली है। केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई किराए पर 18000 की लिमिट हटा ली है, एक अनुमान के अनुसार इस छूट के बाद एयरलाइंस किराए में 200 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर सकती हैं। एयरलाइंस फिर से मांग के हिसाब से टिकट के दाम तय कर सकेंगी, जाहिर है पीक टाइम और इमरजेंसी में फिर से किराया आसमान छू सकता है। यह तब होने जा रहा है जब सुप्रीम कोर्ट ने कई मौकों पर इस तरह मनमानी किराया बढ़ोत्तरी पर आपत्ति जतायी है।
इंडिगो संकट के समय कई एयरलाइंस ने मौके का फायदा उठाते हुए मनमानी किराया बढ़ाया था, जब उड़ानें अचानक घटी थीं और एयरलाइंस ने मनमानी वसूली की थी। तब सरकार ने लिमिट तय की थी ताकि संकट के समय एयरलाइंस मनमानी न कर सकें। तब एयरलाइंस ने किराया 10 गुना तक वसूलना शुरू कर दिया था, कई एयरलाइंस ने 40000 से 80000 तक किराया वसूला था। अब संकट पूरी तरह दूर हो चुका है इसलिए सरकार ने एयरलाइंस को अपना किराया तय करने की छूट दे दी है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सभी एयरलाइंस के किराए पर नजर रखी जाएगी, लेकिन अधिकतम किराए की लिमिट समाप्त की जाती है। माना जा रहा है कि एक अप्रैल से सरकार के इस फैसले का असर दिख सकता है।
