पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बाद कई जगह गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया। शनिवार को इन बूथों पर फिर से मतदान शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में मतदाता पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
दक्षिण 24 परगना जिले के हसीमपुर इलाके में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय हिंदू ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार उन्हें धमका रहे हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया है।
गंभीर धमकियों के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जान से मारने और गंगा में फेंकने जैसी धमकियां दी गईं। इन आरोपों के बाद लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की और दोषियों पर कार्रवाई की अपील की है।
महिलाओं ने भी लगाए आरोप
स्थानीय महिलाओं ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ी हैं, लेकिन सिर्फ हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। महिलाओं का दावा है कि उन्हें यह कहकर धमकाया जा रहा है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को वोट दिया है।
पुलिस तैनात, जांच जारी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में कोई नई व्यवस्था करने की जरूरत नहीं है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है।
