उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जुलाई राहत लेकर आया है। एक ओर बिजली बिल में 4.43% की कमी का फायदा मिलेगा, वहीं जिन लोगों ने तय अवधि के दौरान स्मार्ट मीटर के साथ नया बिजली कनेक्शन लिया था, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई रकम भी वापस मिलेगी। यह राशि सीधे बिजली बिल में समायोजित की जाएगी।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा रिफंड?
यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिन्होंने 10 सितंबर 2025 से 6 मार्च 2026 के बीच नया बिजली कनेक्शन लिया था। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के आदेश के बाद बिजली कंपनियां अब जुलाई से अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करना शुरू करेंगी। अनुमान है कि कुल 150 से 200 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को लौटाए जाएंगे।
कितने रुपये वापस मिलेंगे?
बिजली कंपनियां पहले सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए 6,016 रुपये और थ्री फेज मीटर के लिए 11,341 रुपये तक वसूल रही थीं। बाद में आयोग ने सिंगल फेज मीटर की कीमत 2,800 रुपये और थ्री फेज मीटर की 4,100 रुपये तय की। इसके चलते सिंगल फेज उपभोक्ताओं को 3,216 रुपये और थ्री फेज उपभोक्ताओं को 7,241 रुपये तक का रिफंड बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा।
बिजली बिल भी होगा कम
स्मार्ट मीटर रिफंड के अलावा जुलाई के बिजली बिल में नेगेटिव फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPA) का लाभ भी मिलेगा। इसके तहत बिजली बिल में 4.43 प्रतिशत तक की कमी होगी। इससे प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्यों लौटाए जा रहे हैं पैसे?
स्मार्ट मीटर की कीमत तय होने से पहले बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूली थी। इस मामले को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग के सामने उठाया। इसके बाद आयोग ने मार्च 2026 में अतिरिक्त वसूली गई रकम लौटाने का आदेश दिया था, जिस पर अब अमल शुरू हो रहा है।
बिल में ऐसे दिखेगा फायदा
उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। अतिरिक्त वसूली गई राशि सीधे उनके बिजली बिल में एडजस्ट होगी। यदि आपने तय अवधि के दौरान नया स्मार्ट मीटर कनेक्शन लिया था, तो जुलाई के बिल में रिफंड और बिजली दरों में कमी दोनों का लाभ एक साथ दिखाई दे सकता है।
