भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को बड़ी राहत मिल गई है। केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने उन पर लगाया गया तीन साल का प्रतिबंध वापस ले लिया है। यह फैसला श्रीसंत की बिना शर्त माफी के बाद लिया गया। एसोसिएशन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि श्रीसंत ने अपने पुराने बयानों पर खेद जताया है, जिसके बाद उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद पिछले साल तब शुरू हुआ था, जब संजू सैमसन को घरेलू क्रिकेट की टीम में जगह नहीं मिलने के बाद श्रीसंत ने केरल क्रिकेट एसोसिएशन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि विजय हजारे ट्रॉफी की टीम से संजू सैमसन को जानबूझकर बाहर रखा गया, जिससे उनका बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन प्रभावित हुआ। इन आरोपों को केसीए ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया और श्रीसंत पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया।
बिना शर्त माफी के बाद मिली राहत
लंबे विवाद के बाद श्रीसंत ने केरल क्रिकेट एसोसिएशन से बिना किसी शर्त के माफी मांगी। उन्होंने अपने बयान पर खेद जताते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की बात कही। इसके बाद केसीए की बैठक में उनके मामले पर दोबारा विचार किया गया और सर्वसम्मति से प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया गया। अब श्रीसंत पर लगा तीन साल का बैन पूरी तरह समाप्त हो गया है।
विवादों से भरा रहा श्रीसंत का करियर
एस. श्रीसंत का क्रिकेट करियर शानदार उपलब्धियों के साथ-साथ कई विवादों के लिए भी जाना जाता है। साल 2013 में वह आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में फंस गए थे, जिसके बाद उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि बाद में अदालत से राहत मिलने के बाद उनका प्रतिबंध हटा और वह कानूनी तौर पर दोषमुक्त हुए। इसके बाद भी समय-समय पर उनके बयान और विवाद सुर्खियों में रहे।
भारत के लिए यादगार रहा प्रदर्शन
विवादों के बावजूद श्रीसंत का अंतरराष्ट्रीय करियर काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट और 53 वनडे मुकाबलों में 75 विकेट हासिल किए। इसके अलावा 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी उन्होंने 7 विकेट लिए। वह 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे, जिसने उनके करियर को खास पहचान दिलाई।
अब नई शुरुआत की उम्मीद
प्रतिबंध हटने के बाद माना जा रहा है कि श्रीसंत एक बार फिर क्रिकेट गतिविधियों से जुड़ सकेंगे। हालांकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन कोचिंग, कमेंट्री या घरेलू क्रिकेट से जुड़े अन्य कार्यों में उनकी भूमिका बढ़ सकती है। फिलहाल सबसे बड़ी बात यही है कि लंबे विवाद के बाद माफी के जरिए उनके और केरल क्रिकेट एसोसिएशन के बीच चला आ रहा टकराव खत्म हो गया है।
