आईपीएल 2026 के इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने शुरुआत से ही अपना इरादा साफ कर दिया था। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने मैदान पर आते ही पंजाब के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। पहले ही ओवर से आक्रामक खेल दिखाते हुए दोनों बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। पावरप्ले खत्म होते-होते टीम बिना विकेट खोए 105 रन बना चुकी थी, जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया और विपक्षी टीम को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया।
अभिषेक का कहर, 18 गेंदों में फिफ्टी
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की पारी की रही। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक ठोककर सभी को चौंका दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। उन्होंने पावरप्ले के दौरान ही 7 छक्के जड़ दिए और दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया। उनकी इस पारी ने पंजाब के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया और मैच का कंट्रोल हैदराबाद के हाथ में पहुंचा दिया।
रिकॉर्ड्स की झड़ी, इतिहास फिर दोहराया
सनराइजर्स हैदराबाद ने इस मैच में एक बार फिर इतिहास रच दिया। टीम पहले भी आईपीएल में पावरप्ले में 125 और 107 रन बना चुकी है और अब 105 रन के साथ तीसरी बार 100+ का आंकड़ा पार कर लिया। यह उपलब्धि किसी भी टीम के लिए खास है और यह दिखाती है कि हैदराबाद की बल्लेबाजी कितनी खतरनाक हो चुकी है। पुरुष टी20 में सबसे ज्यादा बार पावरप्ले में 100+ स्कोर बनाने वाली टीम भी अब सनराइजर्स बन गई है, जो उनके आक्रामक अंदाज को साबित करता है।
हेड ने दिया शानदार साथ
जहां अभिषेक ने आक्रामक भूमिका निभाई, वहीं ट्रेविस हेड ने भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 23 गेंदों पर 38 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी हुई, जिसने पंजाब की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया था। हेड ने भी मौके पर बड़े शॉट्स खेलकर टीम की रन गति को बनाए रखा और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
शशांक ने रोकी रफ्तार, फिर भी भारी पड़ा तूफान
पावरप्ले के बाद शशांक सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए एक ही ओवर में अभिषेक और हेड दोनों को आउट कर दिया। इससे हैदराबाद की रफ्तार जरूर थोड़ी धीमी हुई, लेकिन तब तक टीम मैच में पूरी तरह पकड़ बना चुकी थी। अभिषेक 74 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 8 छक्के और 5 चौके शामिल थे। इस शानदार शुरुआत ने ही मुकाबले की दिशा तय कर दी और पंजाब की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई, जिससे वापसी मुश्किल हो गई।
