पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार ने नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की मांग की है। इस परियोजना के साथ देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर का भी प्रस्ताव दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित हो सके।
3 घंटे में पूरा होगा सफर
अगर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली से ऋषिकेश तक की दूरी महज ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकेगी। फिलहाल नमो भारत ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक संचालित हो रही है। प्रस्तावित विस्तार के बाद यह नेटवर्क हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश जैसे महत्वपूर्ण शहरों को सीधे जोड़ देगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को फायदा
राज्य सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा असर पर्यटन पर पड़ेगा। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, होमस्टे और स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ने की संभावना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
छात्रों और उद्योगों को राहत
रुड़की जैसे शैक्षणिक शहर में इस परियोजना से छात्रों और कामकाजी लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। आवासीय मांग बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मोदीपुरम बनेगा बड़ा जंक्शन
इस विस्तार के बाद मेरठ का मोदीपुरम एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में उभर सकता है। यहां से दिल्ली, हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने वाली कनेक्टिविटी विकसित होगी, जिससे व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि इस परियोजना के सामने कई चुनौतियां भी हैं। राजाजी नेशनल पार्क के पास पर्यावरण मंजूरी लेना एक बड़ी बाधा हो सकती है। इसके अलावा एनएच-58 के किनारे भूमि अधिग्रहण और पहाड़ी इलाकों में एलिवेटेड ट्रैक या सुरंग निर्माण जैसी समस्याएं लागत और समय दोनों बढ़ा सकती हैं।
गेमचेंजर साबित हो सकता है प्रोजेक्ट
इन चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड सरकार इस परियोजना को राज्य के बुनियादी ढांचे के लिए गेमचेंजर मान रही है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में यात्रा, पर्यटन और विकास के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
