पूर्णिया में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान सुरक्षा में चूक: युवक ने किया 'किस' का प्रयास
बिहार के पूर्णिया में 24 अगस्त 2025 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के 8वें दिन एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यात्रा के दौरान एक युवक अचानक राहुल गांधी के करीब पहुंचा और उनसे लिपटने की कोशिश की, जिसे कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 'किस' करने का प्रयास बताया गया। इस घटना को राहुल गांधी की सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। यह यात्रा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए शुरू की गई है।
24 अगस्त 2025 को पूर्णिया में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान, जब वह बुलेट मोटरसाइकिल पर रोड शो कर रहे थे, एक युवक अचानक उनके करीब पहुंच गया। यह घटना तब हुई जब राहुल गांधी पूर्णिया से अररिया की ओर जा रहे थे। युवक ने राहुल गांधी से लिपटने या 'किस' करने की कोशिश की, जिससे वह कुछ पल के लिए अचंभित हो गए। तुरंत ही सुरक्षा में तैनात गार्ड्स ने युवक को हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि इतने बड़े स्तर की यात्रा में इस तरह की चूक अप्रत्याशित थी।
वोटर अधिकार यात्रा, जो 17 अगस्त 2025 को सासाराम से शुरू हुई, बिहार के 25 से अधिक जिलों से होकर गुजर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और 'वोट चोरी' के खिलाफ जनता को जागरूक करना है। राहुल गांधी ने इस यात्रा के दौरान कई बार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाने का आरोप लगाया है। उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव, विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी, माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस यात्रा में शामिल हैं।
पूर्णिया में यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने करीब 2 किलोमीटर तक बुलेट मोटरसाइकिल चलाई, जिसमें उनके पीछे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम बैठे थे। तेजस्वी यादव भी एक अन्य बुलेट पर अपने बॉडीगार्ड के साथ नजर आए। यात्रा का स्वागत आदिवासी नृत्य और मांदर-ढोल की थाप के साथ हुआ, जिसने पूर्णिया में उत्साहपूर्ण माहौल बनाया।
सुरक्षा में चूक
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। पूर्णिया में यात्रा के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव किए थे, जिसमें सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद, एक युवक का राहुल गांधी के इतने करीब पहुंचना सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमी को दर्शाता है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से जदयू और भाजपा, ने इस घटना को लेकर कांग्रेस और स्थानीय प्रशासन पर भीड़ नियंत्रण में लापरवाही का आरोप लगाया है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने जवाब में कहा कि राहुल गांधी की यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ जनता के समर्थन का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की लापरवाही पर तुरंत सुधार किया जाए।
आपको बता दें वोटर अधिकार यात्रा के दौरान यह पहली बार नहीं है जब सुरक्षा या हादसों से संबंधित मुद्दे सामने आए हैं। 19 अगस्त को नवादा में राहुल गांधी के काफिले की गाड़ी के नीचे एक पुलिसकर्मी आ गया था, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस घटना में पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई थी, और राहुल गांधी ने स्वयं उसका हालचाल पूछा था।
इसी तरह, 21 अगस्त को शेखपुरा में एक अन्य हादसे में झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) के सिपाही शंभू सिंह तेजस्वी यादव की गाड़ी के नीचे आ गए, जिससे उनके पैर की हड्डी टूट गई। इन घटनाओं ने यात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने कांग्रेस और महागठबंधन पर निशाना साधा। भाजपा और जदयू नेताओं ने कहा कि यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने अपनी सभाओं में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला तेज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए गए हैं, जो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
राहुल गांधी ने एक जनसभा में कहा, "जो सरकार वोट चोरी से बनी हो, उसका इरादा जनसेवा नहीं हो सकता।" उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, और नोटबंदी जैसे मुद्दों को उठाते हुए जनता से वोट की ताकत को मजबूत करने की अपील की।
यात्रा का महत्व
वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य न केवल मतदाता जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि विपक्षी एकजुटता को भी मजबूत करना है। यह यात्रा 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में 'वोटर अधिकार रैली' के साथ समाप्त होगी, जिसमें इंडिया गठबंधन के कई राष्ट्रीय नेता शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 50 सीटों पर मतदाता सूची में हेराफेरी की पहचान की है, जिसके तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पूर्णिया में राहुल गांधी की यात्रा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है, और इस यात्रा के जरिए पार्टी आदिवासी, दलित, और महादलित वोटरों को फिर से जोड़ने की कोशिश कर रही है।



