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यूक्रेन के ड्रोन अटैक से रूस का ऑयल डिपो तबाह…धमाके का वीडियों बनाने वाली दो लड़किया गिरफ्तार

यूक्रेन के ड्रोन अटैक से रूस का ऑयल डिपो तबाह…धमाके का वीडियों बनाने वाली दो लड़किया गिरफ्तार

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में एक नया मोड़ आया है, जब यूक्रेन ने रूस के काला सागर तट पर स्थित पर्यटक स्थल सोची के पास एक ऑयल डिपो पर ड्रोन हमला किया। इस हमले के परिणाम स्वरूप डिपो में भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने दो रूसी लडकियों और एक युवक को हिरासत में लिया, जो विस्फोट का वीडियो बनाते हुए पकड़े गए।

यूक्रेन ने रविवार, 3 अगस्त 2025 को सोची में स्थित तेल डिपो पर ड्रोन हमला किया। क्रास्नोडार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने बताया कि एक ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद उसका मलबा ईंधन टैंक से टकरा गया, जिससे आग भड़क उठी। आग पर काबू पाने के लिए 120 से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया। इस हमले के कारण सोची हवाई अड्डे पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने 93 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया, जिनमें से कुछ ब्लैक सी के ऊपर नष्ट किए गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में तेल डिपो से उठती आग की लपटें और घना धुआं साफ देखा जा सकता है। इस हमले ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी, और सोची जैसे पर्यटक स्थल पर इस तरह की घटना ने रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

रशियन लड़कियों की हिरासत

हमले के बाद, दो रूसी लड़कियां और एक युवक उस समय सुर्खियों में आए, जब वे विस्फोट और आग का वीडियो बनाते हुए पकड़े गए। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा बनाए गए वीडियो वायरल हो गए, जिसमें आग की लपटों के साथ काला धुआं दिखाई दे रहा था। स्थानीय पुलिस ने इन तीनों को हिरासत में ले लिया। रूसी मीडिया के अनुसार, इन युवाओं को संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में अनधिकृत रूप से वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे "जेनरेशन Z" की हरकत करार दिया, जहां युवा खतरनाक परिस्थितियों में भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की कोशिश करते हैं। एक ट्वीट में यूक्रेनी एक्टिविस्ट मारिया द्रुत्स्का ने लिखा, "सोची में जेन Z लड़कियां जलते हुए रूस को अपने टिकटॉक के लिए फिल्मा रही हैं।

यह हमला रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का हिस्सा है, जो 2014 से शुरू हुआ और 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद और गहरा गया। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमलों की रणनीति को तेज किया है। सोची का यह हमला उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, रूस ने भी यूक्रेन पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, रूस ने शनिवार रात को 76 ड्रोन और सात मिसाइलें दागीं, जिनमें से 60 ड्रोन और एक मिसाइल को नष्ट कर दिया गया। रूस ने कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता

इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन के ज़ापोरिज़्ज़िया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हाल ही में हुए हमले ने परमाणु सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इन हमलों को खतरनाक बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को 8 अगस्त तक शांति वार्ता के लिए अल्टीमेटम दिया है, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जवाब में यूक्रेन पर और बड़े हमले किए।

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