logo

header-ad
header-ad
बिहार के गयाजी से पीएम मोदी की हुंकार: 13000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया

बिहार के गयाजी से पीएम मोदी की हुंकार: 13000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के गया (गयाजी) में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने लगभग 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। बोधगया के मगध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बिहार के विकास, सांस्कृतिक महत्व और आत्मनिर्भर भारत के विजन पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बेगूसराय में औंटा-सिमरिया 6-लेन गंगा पुल का उद्घाटन भी किया, जो बिहार की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

गया के बाद पीएम मोदी बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने औंटा-सिमरिया 6-लेन गंगा पुल का उद्घाटन किया। यह पुल मोकामा (पटना) को बेगूसराय से जोड़ता है, जिससे उत्तर बिहार (सुपौल, मधुबनी, अररिया) और दक्षिण बिहार (पटना, नवादा, लखीसराय) के बीच आवागमन आसान होगा। पीएम ने इस दौरान स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और लगभग 15 मिनट रुकने के बाद पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए।

विपक्ष पर निशाना

सियासी माहौल को देखते हुए पीएम ने विपक्ष पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कुछ लोग केवल वोट की राजनीति करते हैं, लेकिन हम विकास की राजनीति में विश्वास रखते हैं।" यह बयान बिहार में महागठबंधन की 'वोट अधिकार यात्रा' के जवाब में माना जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सक्रिय हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "गयाजी मोक्षधाम के रूप में विश्व विख्यात है। यह वह पवित्र भूमि है, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इस धरती से निकलने वाला हर संदेश विश्व शांति और समृद्धि का प्रतीक है। पीएम मोदी ने गया में 12,992 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी, जिसमें सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, सीवरेज और रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

  1. औंटा-सिमरिया 6-लेन पुल: बेगूसराय में गंगा नदी पर बना यह 6-लेन पुल एशिया का दूसरा सबसे चौड़ा पुल है। इस पुल के उद्घाटन से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे सीमांचल क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह भारी वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाएगा और सिमरिया धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान करेगा।
  2. बुद्ध सर्किट ट्रेन: पीएम मोदी ने वैशाली-हाजीपुर-पटना-नालंदा-राजगीर-गया-कोडरमा के बीच चलने वाली बुद्ध सर्किट ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन बिहार और झारखंड के प्रमुख बौद्ध स्थलों को जोड़ेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेन सुबह 5:15 बजे वैशाली से रवाना होगी और दोपहर 3:15 बजे कोडरमा पहुंचेगी, जबकि वापसी में शाम 4:45 बजे कोडरमा से चलकर रात 2:45 बजे वैशाली लौटेगी।
  3. अमृत भारत एक्सप्रेस: गया और दिल्ली के बीच चलने वाली इस ट्रेन को भी पीएम ने हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन हर रविवार और गुरुवार को चलेगी, जिससे रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
  4. नमामि गंगे योजना: मुंगेर में 520 करोड़ रुपये की लागत से बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा औरंगाबाद, जहानाबाद, लखीसराय, और जमुई में भी STP परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिससे गंगा और अन्य नदियों के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
  5. प्रधानमंत्री आवास योजना: इस योजना के तहत 12,000 ग्रामीण और 4,260 शहरी लाभार्थियों को गृह प्रवेश कराया गया। यह कदम बिहार में आवास सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
  6. बक्सर थर्मल पावर प्लांट: इस परियोजना का उद्घाटन भी पीएम मोदी ने किया, जो बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगा।
  7. गया-बोधगया कॉरिडोर और विश्व स्तरीय जंक्शन: इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।

बिहार के विकास पर जोर

पीएम ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने पिछले एक साल में बिहार को दी गई हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का जिक्र किया, जिसमें सड़क, रेल, अस्पताल और पावर प्लांट शामिल हैं। औंटा-सिमरिया पुल को बिहार के लिए गेम-चेंजर बताते हुए उन्होंने कहा कि यह पुल न केवल समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार को और करीब लाएगा। बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम का यह दौरा सियासी रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा, "एनडीए सरकार बिहार के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।"

पीएम ने अपने हाल के स्वतंत्रता दिवस भाषण का हवाला देते हुए कहा कि बिहार आत्मनिर्भर भारत के सपने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने मखाना जैसे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की बात कही, जिसे पहले मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर भी उल्लेख किया गया था। उन्होंने बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर जोर दिया और कहा कि नई परियोजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करेंगी।

https://www.youtube.com/watch?v=3tub_-ro4zQ&t=2s

Leave Your Comment