पीलीभीत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने अपनी साधारण नौकरी के बावजूद करोड़ों की अवैध कमाई कर ली। करीब 55 हजार रुपये महीने कमाने वाला यह कर्मचारी 8 साल में 8 करोड़ से ज्यादा का घोटाला कर बैठा, जो उसकी कुल सैलरी से कई गुना ज्यादा है।
फर्जी तरीके से बनाया नेटवर्क
इल्हाम ने ऑफिस में वेतन बिल और टोकन से जुड़े काम अपने हाथ में लेकर पूरा सिस्टम समझ लिया। इसके बाद उसने अपनी तीन पत्नियों, सास, साली और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। इन लोगों को कागजों पर टीचर, बाबू और ठेकेदार दिखाया गया, जबकि असल में वे कहीं काम नहीं करते थे। इस तरह सरकारी पैसे को अपने लोगों के खातों में ट्रांसफर किया जाता रहा।
53 खाते, करोड़ों का खेल
जांच में सामने आया कि इल्हाम ने 53 अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया। कुल 98 ट्रांजेक्शन के जरिए 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इधर-उधर की गई। उसकी पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। इस पूरे नेटवर्क ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया और लंबे समय तक किसी को भनक तक नहीं लगी।
खुलासा और कार्रवाई जारी
यह घोटाला तब सामने आया जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने संदिग्ध लेनदेन की जानकारी प्रशासन को दी। जांच के बाद पुलिस ने इल्हाम की पत्नियों और अन्य सहयोगियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक 5.5 करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। इल्हाम फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
