नीट रद्द, नई तारीख तय, अब परीक्षा व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, जानिए शिक्षा मंत्री ने क्या कुछ कहा ?
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे थे। अब शिक्षा मंत्रालय ने नई परीक्षा तिथि का ऐलान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक नीट री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों और पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के बाद लाखों छात्र नई तैयारी और परीक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
नई तारीख तय
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि इस साल री-एग्जाम में छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। नई परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
बड़ा बदलाव तय
शिक्षा मंत्रालय ने अगले वर्ष से नीट यूजी परीक्षा को ऑनलाइन कराने का फैसला लिया है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने का उद्देश्य नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना बताया जा रहा है। सरकार मानती है कि तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित बनाई जा सकती है। हालांकि ऑनलाइन प्रणाली को लेकर छात्रों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है।
जांच अभी जारी
पेपर लीक मामले को लेकर एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी सिर्फ शैक्षणिक नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
छात्रों की बढ़ी चिंता
री-एग्जाम जून में होने जा रहा है और उस समय बारिश का मौसम भी रहेगा। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने, यात्रा और मौसम जैसी चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। मंत्रालय ने कहा है कि सभी छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।
आगे क्या होगा
नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी लेकिन बाद में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए। जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में जांच शुरू की और कथित नेटवर्क की पड़ताल जारी है। अब सरकार की कोशिश है कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो ताकि छात्रों का भरोसा फिर मजबूत किया जा सके।
