1 मई से रसोई गैस से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के तुरंत बाद दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कराया जा सकेगा। शहरों में कम से कम 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक इंतजार करना होगा। इसके साथ ही डिलीवरी के समय ओटीपी यानी डीएसी कोड देना अनिवार्य होगा। बिना ओटीपी के सिलेंडर नहीं मिलेगा, जिससे फर्जी डिलीवरी पर रोक लगेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा।
कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा बना
एलपीजी की कीमतों को लेकर भी दबाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता के चलते तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ गया है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि मई की शुरुआत में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो सकता है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश में नया श्रम नियम लागू
उत्तर प्रदेश में 1 मई से नया श्रम कानून लागू होने जा रहा है, जो कर्मचारियों के लिए अहम बदलाव लेकर आएगा। इसके तहत अगर कोई कर्मचारी तय समय से सिर्फ 15 मिनट भी ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम का भुगतान करना होगा। साथ ही बेसिक सैलरी को कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत रखने का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी लेकिन हाथ में मिलने वाली सैलरी कम हो सकती है।
बीमा योजनाओं का ऑटो डेबिट शुरू
मई महीने में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम ऑटो-डेबिट होगा। Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana के तहत 436 रुपये और Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana के तहत 20 रुपये सीधे बैंक खाते से कट जाएंगे। ऐसे में खाताधारकों को अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना जरूरी होगा।
बैंकिंग नियमों में भी बदलाव तय
बैंकिंग सेक्टर में भी नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। State Bank of India अब छोटे बकाया पर भी लेट पेमेंट चार्ज वसूल सकता है। वहीं YES Bank यूटिलिटी ट्रांजैक्शन पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लेने जा रहा है। इससे क्रेडिट कार्ड यूजर्स के खर्च में बढ़ोतरी होना तय है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर
इन सभी बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। गैस बुकिंग, बैंकिंग और बीमा जैसे जरूरी कामों में नई शर्तें लागू होंगी, जिससे लोगों को अपनी आदतें बदलनी पड़ेंगी। अगर समय रहते इन नियमों को समझ लिया जाए, तो आने वाले समय में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है और खर्च को भी कंट्रोल में रखा जा सकता है।
