ट्रेन में पालतू जानवर ले जाना पड़ा भारी! नियम तोड़े तो लगेगा 6 गुना जुर्माना, जान लें रेलवे के सख्त नियम
ट्रेन में रोज लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन अगर आप अपने पालतू जानवर को साथ ले जाना चाहते हैं तो नियम जानना बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने इस मामले में सख्त दिशा-निर्देश बनाए हैं। बिना सही बुकिंग और जरूरी दस्तावेजों के पशु-पक्षियों को ट्रेन में ले जाने पर कार्रवाई हो सकती है। इतना ही नहीं, नियम तोड़ने पर यात्री से 6 गुना तक जुर्माना भी वसूला जा सकता है। इसलिए यात्रा से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है, ताकि बाद में परेशानी न हो।
कुत्ते के लिए खास नियम लागू
रेलवे के नियमों के अनुसार, पालतू कुत्तों को केवल AC फर्स्ट क्लास या फर्स्ट क्लास कोच में ही ले जाया जा सकता है। इसके लिए पूरा कूपे या केबिन बुक होना चाहिए। साथ ही, उसी कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों की सहमति भी जरूरी होती है। यात्रा के दौरान टिकट चेकर यानी TTE की अनुमति लेना भी अनिवार्य है। इन नियमों का पालन न करने पर कुत्ते को साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिलती।
पार्सल और ब्रेकवान का विकल्प
अगर आप अपने पालतू जानवर को साथ नहीं ले जा सकते, तो रेलवे पार्सल या ब्रेकवान (लगेज वैन) की सुविधा देता है। इस व्यवस्था में जानवर को गार्ड के पास बने डॉग बॉक्स में सुरक्षित रखा जाता है। बुकिंग के लिए यात्री को यात्रा से पहले स्टेशन के पार्सल ऑफिस में जाना होता है, जहां जानवर का वजन, जरूरी फॉर्म और फीस जमा करनी होती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे की तरफ से रसीद जारी की जाती है।
दस्तावेज और अन्य पशुओं के नियम
जानवर की बुकिंग के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होता है, जैसे पशु चिकित्सक का हेल्थ सर्टिफिकेट, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और मालिक का पहचान पत्र। फीस जानवर के वजन और दूरी के हिसाब से तय होती है, जिसमें GST और अन्य चार्ज भी शामिल होते हैं। वहीं भेड़, बकरी या सुअर जैसे अन्य जानवरों को केवल लगेज वैन में ही भेजा जा सकता है। बिना बुकिंग पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लग सकता है। इसलिए नियमों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
