लैम्बॉर्गिनी के मालिक तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा बयान दर्ज कराने पहुंचे थाने तो चालक समर्पण को पहुंचा कोर्ट
न्यूज प्लस डेस्क, कानपुर। कानपुर के लैम्बॉर्गिनी हादसे मेंकार मालिक और अरबपति तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा अपना बयान दर्ज कराने ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कार चालक चला रहा था, वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और पुलिस व कोर्ट का हर आदेश मानेंगे। उन्होंने बताया बेटा शिवम को इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक तरफ शिवम दिल्ली जाकर अस्पताल में भर्ती हो गया और मोहन नाम का चालक आत्मसमर्पण को अदालत पहुंच गया।
रविवार को कानपुर की वीआईपी रोड में 12 करोड़ कीमत वाली लैम्बॉर्गिनी कार ने बाइक, ऑटो और सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मारी थी। हादसे में घायल तौफीक नाम के व्यक्ति ने गाड़ी नंबर के हिसाब से एफआईआर दर्ज करायी थी। पुलिस ने अरबपति कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को बचाने के लिए पता होने के बाद भी उसका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया। मीडिया में मामला उछला तो पुलिस ने विवेचना में शिवम मिश्रा का नाम शामिल किया, अब पुलिस कह रही है कि कार वही चला रहा था।
पुलिस कमिश्नर ने कहाकि ताफीक ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसमें सिर्फ कार नंबर था, पुलिस ने विवेचना में सीसीटीवी फुटेज और लोगों के बयान में पाया कि कार शिवम ही चला रहा था और नंबर के कार मालिक के बारे में पता चला। उन्होंने कहाकि जल्द पुलिस अपनी विवेचना के आधार पर चार्जशीट दाखिल करेगी। दूसरी तरफ शिवम के वकील धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि कार चालक मोहन चला रहा था, वीडियो में शिवम को ड्राइविंग सीट की तरफ से निकाले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कार के शीशे लॉक हो गए थे ड्राइविंग साइड का शीशा तोड़कर उनको उस तरफ से निकाला गया।
मोहन नाम के चालक ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है कि उसे पुलिस की एफआईआर की जानकारी मिली है, इसलिए वह आत्मसमर्पण करके जमानत चाहता है। दूसरी तरफ शिवम की तरफ से भी उनके अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र दिया है कि वह बीमार हैं और दिल्ली में भर्ती है। यह भी कहा गया है कार उनका चालक चला रहा था, पुलिस उनका नाम ले रही है इसलिए उनको जमानत दी जाए। दोनों प्रार्थनापत्रों पर अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।



