कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का ऐलान, आवेदन शुरू, दो रूट से दर्शन का मौका, सीमित सीटें और सख्त नियम लागू
भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालु अब रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन और चयन प्रक्रिया
विदेश मंत्रालय के अनुसार, आवेदन की अंतिम तारीख 19 मई 2026 है। यात्रियों का चयन पूरी तरह कंप्यूटर आधारित ‘रैंडम ड्रॉ’ से होगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। सरकार पुरुष और महिला यात्रियों के बीच संतुलन भी बनाए रखने की कोशिश करेगी।
जून से अगस्त तक यात्रा
यह यात्रा जून से अगस्त के बीच आयोजित की जाएगी और कुल 23 से 25 दिन की होगी। हर बैच में यात्रियों को अलग-अलग समूहों में भेजा जाएगा। इस बार कुल 1000 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति मिलेगी, यानी हर रूट पर 500 यात्रियों का चयन किया जाएगा।
दो रूट का विकल्प
यात्रियों को दो रास्तों का विकल्प दिया गया है। पहला लिपुलेख दर्रा मार्ग है, जो उत्तराखंड से होकर जाता है और ट्रेकिंग के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। दूसरा नाथू ला दर्रा मार्ग है, जो सिक्किम से होकर जाता है और अपेक्षाकृत आसान है, खासकर बुजुर्गों के लिए।
पात्रता और मेडिकल नियम
इस यात्रा के लिए कुछ सख्त नियम हैं। केवल भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं और उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग इसमें शामिल नहीं हो सकते। ऊंचाई अधिक होने के कारण दो बार मेडिकल जांच जरूरी है, ताकि यात्रियों की फिटनेस सुनिश्चित की जा सके।
सुविधाएं और जरूरी जानकारी
भारतीय क्षेत्र में रहने और खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा तय एजेंसियां करती हैं, जबकि तिब्बत क्षेत्र में यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है। आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध रहती है, हालांकि उसका खर्च खुद उठाना होता है। इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
