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साल के अंत तक भारत को मिलेगा S-400 का चौथा स्क्वाड्रन, जाने खासियत

साल के अंत तक भारत को मिलेगा S-400 का चौथा स्क्वाड्रन, जाने खासियत

दुनिया की सबसे मजबूत सेना के तौर पर अमेरिका का नाम है लेकिन पिछले 10 सालों मे भारत अंदर ही अंदर अपने आप को मजबूत करता जा रहा है, इसी बीच 2025 साल के अंत तक भारत और भी ताकतवर होने जा रहा है क्योकि रूसी निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के चौथे स्क्वॉड्रन को भारत प्राप्त करने वाला है।  

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर तक S-400 स्क्वाड्रन भारत आ सकता है। भारत ने 2018 में रूस के साथ करीब ₹35,000 करोड़ का समझौता किया था, जिसमें S-400 सिस्टम के 5 स्क्वॉड्रन शामिल थे. जिसमे से 3 स्क्वॉड्रन भारत को मिल चुके है जबकि दो अब भी आना बाकी हैं. चौथा स्क्वॉड्रन 2025 साल के अंत तक मिलने की संभावन है वहीं पांचवां और अंतिम स्क्वाड्रन 2026 में मिलने की उम्मीद है। आपको बता दें चौथे और पांचवां स्क्वाड्रन के आने के बाद देश की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाएगी. 

यूक्रेन युद्ध के कारण इसकी डिलीवरी में देरी हुई है. चौथे स्क्वॉड्रन की उम्मीद 2025 के अंत तक की जा रही है. S-400 का चौथा स्क्वॉड्रन जैसे ही भारत को मिलेगा वैसे ही सिलीगुड़ी, पठानकोट, कॉरिडोर और पश्चिमी सीमा पर तैनात कर दिया जाएगा, ताकि पंजाब, राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर, जैसे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा और भी मजबूत हो सके.

एस-400 रक्षा प्रणाली की खासियत

आपको बता दें S-400 रक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे सक्षम मिसाइल माना जाता है, इसमें चार तरह की मिसाइल होती हैं। एक मिसाइल 400 किमी, दूसरी 250 किलोमीटर, तीसरी 120 किलोमीटर और चौथी 40 किलोमीटर की रेंज वाली होती है। इसकी खासियत ये कि 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं। इसमें लगी मिसाइलें करीब 30 किलोमीटर ऊंचाई और 400 किलोमीटर तक दूरी में एक साथ 36 टारगेट को भेद सकती हैं और 600 किमी तक की रेंज में आने वाले खतरों का पता लगा सकते हैं यह एंटी-मिसाइल दागकर दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर सकती है उपग्रहों के जरिये यह दुश्मनों पर नजर रखती है, इससे यह पता चल जाता है कि दुश्मन देश के लड़ाकू विमान कहां से हमला करने वाले हैं

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