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रसोई की हल्दी में छिपा हो सकता है खतरा, इन आसान तरीकों से घर पर ही पहचानें असली और नकली मसाला

रसोई की हल्दी में छिपा हो सकता है खतरा, इन आसान तरीकों से घर पर ही पहचानें असली और नकली मसाला

भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। यह सिर्फ खाने का स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, इसलिए इसे घरेलू उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में हल्दी में मिलावट के कई मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी हल्दी में खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय तक शरीर में जाने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

मिलावट में इस्तेमाल होते हैं खतरनाक रसायन
रिपोर्ट्स के अनुसार हल्दी में वजन बढ़ाने या रंग चमकदार दिखाने के लिए कई तरह की चीजें मिलाई जाती हैं। इसमें चाक पाउडर, चूना और कुछ जहरीले केमिकल तक शामिल हो सकते हैं। कई मामलों में लेड क्रोमेट जैसे रसायन मिलाने की भी बात सामने आई है, जो आमतौर पर पेंट और डाई बनाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायन शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं और लंबे समय में दिमाग, लिवर और किडनी पर भी असर डाल सकते हैं। इसलिए हल्दी खरीदते समय सावधानी बरतना जरूरी माना जाता है।

घर पर ऐसे कर सकते हैं मिलावट की जांच
हल्दी में मिलावट की पहचान घर पर कुछ आसान तरीकों से की जा सकती है। इसके लिए थोड़ा सा हल्दी पाउडर पानी में डालकर देख सकते हैं। अगर पानी का रंग बहुत गहरा हो जाए या हल्दी ऊपर तैरती नजर आए तो उसमें मिलावट होने की संभावना हो सकती है। वहीं अगर हल्दी नीचे बैठ जाए और पानी हल्का पीला हो जाए तो उसे अपेक्षाकृत शुद्ध माना जाता है। इसी तरह अगर हल्दी को हथेली पर रगड़ने से हल्का पीला रंग दिखाई देता है तो वह सामान्य हो सकती है, जबकि बहुत तेज या असमान रंग मिलावट का संकेत हो सकता है।

रंग और बनावट से भी मिलती है पहचान
विशेषज्ञों का कहना है कि असली हल्दी का रंग गहरा सुनहरा पीला होता है और उसका पाउडर काफी महीन व मुलायम होता है। वहीं मिलावटी हल्दी अक्सर फीकी या असमान रंग की दिखाई देती है। इसके अलावा बनावट भी थोड़ी खुरदरी हो सकती है। इसलिए हल्दी खरीदते समय उसके रंग, खुशबू और बनावट पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। अगर शक हो तो भरोसेमंद ब्रांड या साबुत हल्दी खरीदकर घर पर पीसने का तरीका भी अपनाया जा सकता है, जिससे मिलावट का खतरा कम हो सकता है।

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