अगर घर में बिना वजह तनाव और छोटी-छोटी बातों पर बहस का माहौल बना रहता है, तो कुछ लोग इसे वास्तु से भी जोड़कर देखते हैं। मान्यताओं के अनुसार घर में रखी कुछ चीजें नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। इनमें सबसे पहले टूटे हुए कांच, चटके बर्तन और खराब क्रॉकरी को माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसी चीजें घर में मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ा सकती हैं।
बंद घड़ी को माना जाता है संकेत
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घड़ी सिर्फ समय नहीं बल्कि गति और प्रगति का भी प्रतीक मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि घर में बंद या खराब घड़ी रखने से रुकावट और ठहराव का संकेत माना जाता है। इसलिए कई लोग सलाह देते हैं कि जो घड़ी काम नहीं कर रही हो, उसे ठीक करा लें या हटा दें।
पौधों का चुनाव भी अहम
पेड़-पौधे घर में सकारात्मक माहौल बनाने से जोड़े जाते हैं, लेकिन कुछ मान्यताओं में कांटेदार पौधों या दूध निकलने वाले पौधों को घर के अंदर रखने से बचने की बात कही जाती है। माना जाता है कि ऐसे पौधे रिश्तों में तनाव बढ़ा सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह वास्तु आधारित मान्यता है और इसे लोग अपनी आस्था के अनुसार मानते हैं।
कबाड़ भी बन सकता है कारण
घर के कोनों में पड़ा पुराना इलेक्ट्रॉनिक सामान, जंग लगा लोहा या बेकार चीजों का ढेर भी कई लोग नकारात्मकता से जोड़ते हैं। मान्यता है कि लंबे समय तक कबाड़ जमा रहने से घर का माहौल भारी महसूस हो सकता है। इसलिए समय-समय पर घर की सफाई और अनावश्यक सामान हटाने की सलाह दी जाती है।
तस्वीरों को लेकर भी मान्यता
घर की दीवारों पर लगी तस्वीरों को लेकर भी वास्तु में कई बातें कही जाती हैं। मान्यता है कि उदासी, हिंसा या नकारात्मक भाव वाली तस्वीरें मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बजाय सकारात्मक और शांत माहौल दिखाने वाली तस्वीरों को बेहतर माना जाता है।
बिस्तर के नीचे न रखें सामान
कुछ मान्यताओं के अनुसार बिस्तर के नीचे जूते, कबाड़ या भारी सामान रखने से मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है। कहा जाता है कि इससे नींद पर असर पड़ सकता है और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। हालांकि यह वास्तु आधारित दृष्टिकोण है और लोग इसे अपनी मान्यता के अनुसार अपनाते हैं।
