मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते संकट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। तीन महीने पहले तक जिस खतरे को दूर माना जा रहा था, अब वही दुनिया के लिए बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ मान रहे हैं कि स्थिति जल्द सामान्य होती नहीं दिख रही।
तेल आपूर्ति में बड़ी गिरावट
रिपोर्टों के अनुसार मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति में भारी कमी दर्ज की जा रही है। सऊदी अरब, इराक, ईरान और कुवैत जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन घटने की बात सामने आ रही है। इसका असर वैश्विक बाजार पर दिखाई देने लगा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उत्पादन में गिरावट जारी रही तो दुनिया को भंडार पर ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा।
रिजर्व तेल पर बढ़ी निर्भरता
इतनी बड़ी कमी के बीच कई देश अपने पहले से जमा तेल भंडार का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि दुनिया के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद हैं, लेकिन बदलते हालात के बाद तस्वीर अलग दिख रही है। अब आशंका जताई जा रही है कि मांग और आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ सकता है। अगर युद्ध लंबा चला तो स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
कीमतों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भंडार कम होने लगते हैं तो बाजार पर सीधा असर दिखता है। इसका सबसे पहला प्रभाव तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कच्चे तेल के साथ पेट्रोल और डीजल भी महंगे हो सकते हैं। ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
भंडार भी हमेशा साथ नहीं देंगे
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जमीन पर मौजूद सारा तेल तुरंत इस्तेमाल योग्य नहीं होता। उसका एक हिस्सा परिचालन जरूरतों में लगा रहता है। ऐसे में सिर्फ भंडार के भरोसे लंबे समय तक संकट से निपटना आसान नहीं माना जा रहा। यही वजह है कि बाजार की नजर अब हालात सामान्य होने पर टिकी हुई है।
दुनिया देख रही अगला कदम
फिलहाल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर हालात ज्यादा लंबे समय तक बिगड़े रहे तो ऊर्जा संकट का नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि कुछ रिपोर्ट यह भी कह रही हैं कि बाजार अब स्थिति के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगर संकट गहराया तो असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों की जेब तक भी पहुंच सकता है।
