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खर्च पर चला ब्रेक, सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों के लिए आया नया आदेश

खर्च पर चला ब्रेक, सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों के लिए आया नया आदेश

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के लिए खर्च कम करने के नए निर्देश जारी किए हैं। वित्त मंत्रालय चाहता है कि रोजमर्रा के कामकाज में फिजूल खर्च कम किया जाए और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो। इस फैसले का असर देश के बड़े सरकारी बैंक और बीमा संस्थानों पर पड़ने वाला है, जहां लाखों कर्मचारी काम करते हैं।

बैठकों के तरीके बदलेंगे

नए निर्देशों के अनुसार अब मीटिंग, समीक्षा बैठक और परामर्श के लिए बार-बार यात्रा करने से बचना होगा। कर्मचारियों और अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने को कहा गया है। हालांकि जिन मामलों में व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी, वहां छूट मिल सकती है। इससे यात्रा पर होने वाले खर्च में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।

विदेश यात्रा पर भी सख्ती

वित्त मंत्रालय ने शीर्ष अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर भी नियंत्रण की बात कही है। अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को सीमित यात्राएं करने की सलाह दी गई है। साथ ही कहा गया है कि जहां संभव हो वहां विदेशी बैठकों को भी वर्चुअल तरीके से पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि इससे अनावश्यक खर्च कम होगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

सरकार अब संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है। निर्देश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाले किराये के वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक गाड़ियों से बदला जाए। मुख्यालय और शाखा कार्यालयों में भी इस बदलाव को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इससे ईंधन खर्च कम करने के साथ पर्यावरण को भी फायदा मिल सकता है।

महंगाई और संकट का असर

माना जा रहा है कि यह फैसला वैश्विक हालात और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों से भी जुड़ा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। साथ ही महंगाई और मुद्रा पर दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में सरकार खर्च को लेकर ज्यादा सतर्क दिखाई दे रही है।

पीएम की अपील का असर

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील भी इस फैसले की वजह मानी जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों और संस्थानों से संयम बरतने और जरूरत के अनुसार खर्च करने की बात कही थी। अब मंत्रालय के इन नए निर्देशों को उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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