दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपराध की दुनिया तेजी से बदलती दिखाई दे रही है। पहले जहां गैंगस्टर्स के पास स्थानीय स्तर पर बनी बंदूकें और पारंपरिक हथियार देखने को मिलते थे, अब उनकी जगह विदेशी हथियारों ने ले ली है। जांच एजेंसियों के अनुसार कई आपराधिक मामलों में आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ी है क्योंकि हथियारों की प्रकृति और नेटवर्क पहले की तुलना में काफी अलग बताए जा रहे हैं।
मार्च की कार्रवाई से खुली परतें
13 मार्च को दिल्ली पुलिस ने एक कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा था। जांच के दौरान पुलिस को सामान्य देसी हथियारों की बजाय अत्याधुनिक विदेशी हैंडगन मिली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। अधिकारियों के मुताबिक आगे की जांच में सामने आया कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो विदेशी हथियारों की सप्लाई से जुड़ा हुआ है।
जांच में सामने आए कई नाम
पुलिस जांच में कुछ ऐसे नाम सामने आए जिनके जरिए कथित सप्लाई नेटवर्क संचालित होने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की आवाजाही कैसे हो रही थी और किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों का दावा है कि पिछले महीनों में कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। हालांकि जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
पुराने मामलों से भी जुड़ रही कड़ियां
कुछ हाई प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच में भी विदेशी हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आती रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या अलग-अलग मामलों के पीछे एक जैसा नेटवर्क सक्रिय था। हालांकि कई मामलों में अंतिम जांच रिपोर्ट और अदालत की प्रक्रिया अभी बाकी है, इसलिए एजेंसियां सतर्कता के साथ तथ्यों की पुष्टि कर रही हैं।
सीमा पार संपर्कों की जांच
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या इस कथित नेटवर्क के तार भारत के बाहर तक जुड़े हैं। रिपोर्टों के आधार पर सीमाई रास्तों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात पर फोकस कर रही हैं कि हथियारों की तस्करी के संभावित मार्गों को कैसे रोका जाए और सप्लाई चैन को कैसे तोड़ा जाए।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध का तरीका बदलने के साथ पुलिस की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आधुनिक हथियारों की उपलब्धता किसी भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क को समझने और उसकी जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
