हार्दिक पंड्या इन दिनों अपने करियर के सबसे अहम दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ उनका लक्ष्य मुंबई को फिर से आईपीएल चैंपियन बनाना है, तो दूसरी तरफ वह वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी में जुटे हैं। पिछले कुछ सीजन में मुंबई का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है और हार्दिक की कप्तानी में भी टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में इस बार उनके सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती है।
गेंदबाजी पर खास फोकस
हार्दिक पंड्या की तैयारी का सबसे बड़ा हिस्सा उनकी गेंदबाजी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह धीरे-धीरे अपने बॉलिंग लोड को बढ़ा रहे हैं, ताकि एक वनडे मैच में पूरे 10 ओवर डाल सकें। पिछले कुछ सालों में चोटों की वजह से उनकी गेंदबाजी सीमित हो गई थी, लेकिन अब वह खुद को पूरी तरह फिट बनाने में जुटे हैं। टीम प्रबंधन भी चाहता है कि हार्दिक एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के तौर पर लगातार गेंदबाजी करें।
फिटनेस बनी सबसे बड़ी चुनौती
हार्दिक के करियर में फिटनेस हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है। पीठ और टखने की चोट ने कई बार उन्हें मैदान से दूर किया है। इसी वजह से टीम प्रबंधन भी उनके बॉलिंग लोड को लेकर काफी सतर्क रहा है। लेकिन अब हार्दिक खुद इस जिम्मेदारी को समझते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को तैयार कर रहे हैं, ताकि बड़े टूर्नामेंट में कोई जोखिम न रहे।
घरेलू क्रिकेट में दिखा चुके संकेत
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उन्हें ज्यादा गेंदबाजी करने से रोका गया था, ताकि वह चोट से बच सकें। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 10 ओवर की गेंदबाजी कर यह संकेत दे दिया था कि वह पूरी तरह फिट होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह उनके आत्मविश्वास और तैयारी को भी दर्शाता है।
वर्ल्ड कप 2027 के लिए अहम भूमिका
आने वाले वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को हार्दिक पंड्या की तेज गेंदबाजी की बेहद जरूरत होगी। अगर वह सिर्फ 4-5 ओवर तक सीमित रहते हैं, तो टीम का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में उनका 10 ओवर डालना बेहद जरूरी माना जा रहा है। हार्दिक भी इस बात को समझते हैं और उसी दिशा में मेहनत कर रहे हैं। अब देखना होगा कि उनकी यह तैयारी टीम इंडिया को कितनी मजबूती देती है।
