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मिडिल ईस्ट संकट में भारत की कूटनीति का कमाल, दुश्मन देशों से भी मिली मदद

मिडिल ईस्ट संकट में भारत की कूटनीति का कमाल, दुश्मन देशों से भी मिली मदद

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है। जहां कई देश संकट से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ने तेल सप्लाई से लेकर अपने नागरिकों की सुरक्षा तक हर मोर्चे पर संतुलन बनाए रखा है। सबसे खास बात यह रही कि भारत को ऐसे देशों से भी मदद मिली, जो आपस में विरोधी माने जाते हैं। यह भारत की मजबूत विदेश नीति और वैश्विक संबंधों का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।

दो दुश्मन देशों से एक साथ सहयोग
अज़रबैजान और आर्मेनिया जैसे देशों ने भारत की मदद की, जबकि ये दोनों आपस में दुश्मन हैं। अज़रबैजान ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने में सहयोग दिया, वहीं आर्मेनिया ने फंसे हुए भारतीय मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने दोनों देशों का आभार जताया और इसे मानवीय सहयोग का उदाहरण बताया।

विदेश मंत्री ने जताया आभार
एस जयशंकर ने सार्वजनिक रूप से आर्मेनिया सरकार और वहां के विदेश मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। भारत लगातार क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित कर रहा है, ताकि कोई भी नागरिक संकट में न फंसे।

अज़रबैजान ने भी निभाई अहम भूमिका
इससे पहले अज़रबैजान ने भी भारत की मदद करते हुए करीब 204 भारतीयों को ईरान से बाहर निकालने में सहयोग दिया। ये लोग जमीनी सीमा के रास्ते सुरक्षित अज़रबैजान पहुंचे और वहां से भारत लौटे। कई लोग वापस आ चुके हैं, जबकि बाकी भी जल्द लौटने की प्रक्रिया में हैं। यह सहयोग भारत-अज़रबैजान संबंधों में सुधार का संकेत भी माना जा रहा है।

तेल सप्लाई और कूटनीति का संतुलन
भारत ने इस संकट के दौरान अपनी ऊर्जा जरूरतों को भी संतुलित रखा है। रूस से तेल खरीद जारी रखने और ईरान के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की वजह से देश में तेल सप्लाई पर बड़ा असर नहीं पड़ा। साथ ही होर्मुज मार्ग से भारतीय जहाजों की आवाजाही भी जारी रही।

वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ भारत
पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया है कि भारत संकट के समय भी संतुलित और मजबूत कूटनीति के जरिए खुद को सुरक्षित रख सकता है। दुश्मन देशों से एक साथ सहयोग लेना और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत को दर्शाता है।

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