logo

BREAKING NEWS
आसमान में विमान का इंजन फेल, अटकी इंडिगो के 161 यात्रियों की सांसें गर्मी की छुट्टियों से पहले हवाई यात्रियों को बड़ा तोहफा 60% सीटें होंगीं फ्री ऑफ चार्ज क्या ईरान संकट से जन्म ले सकता है नया “कुर्दिस्तान”? - विश्लेषण अमेरिका को मंजूर नहीं अयातुल्ला का बेटा मोजतबा अली खामेनेई दशकों बाद युद्ध में टॉरपीडो का इस्तेमाल ईरान का युद्धपोत दो टुकड़ों में टूटा
लोकसभा में नक्सलवाद पर सरकार ने साफ किया रुख और बताया आगे का रास्ता, जानिए गृहमंत्री ने क्या कहा ?

लोकसभा में नक्सलवाद पर सरकार ने साफ किया रुख और बताया आगे का रास्ता, जानिए गृहमंत्री ने क्या कहा ?

अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट कहा कि अब माओवादी और नक्सली हिंसा के दिन खत्म होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश को इस समस्या से मुक्त करने के लिए सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों ने वर्षों तक भारी पीड़ा झेली है और अब उस स्थिति को बदलने का समय आ गया है।

बच्चों की जिंदगी पर पड़ा गहरा असर
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के प्रभाव को समझाने के लिए एक मार्मिक उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एक बच्ची, जिसे बचपन में नक्सलियों ने उठा लिया था, अपनी सामान्य जिंदगी से दूर हो गई। इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि नक्सलवाद ने केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि समाज के भविष्य यानी बच्चों के जीवन को भी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में बच्चों ने अपना बचपन जंगलों में भटकते हुए बिताया है।

आदिवासी क्षेत्रों में बदली सोच
अमित शाह ने कहा कि आजादी से पहले आदिवासी समाज अपने नायकों से प्रेरणा लेता था, लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदल दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। उनके मुताबिक, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासन की कमी का फायदा उठाकर वामपंथी विचारधारा ने इन क्षेत्रों में अपनी जड़ें मजबूत कीं और भोले-भाले लोगों को गुमराह किया।

गरीबी नहीं, विचारधारा है वजह
गृह मंत्री ने साफ किया कि नक्सलवाद का कारण गरीबी नहीं बल्कि एक विशेष विचारधारा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण ही इन क्षेत्रों में विकास नहीं हो पाया और लोग पिछड़े रह गए। सरकार अब इन इलाकों में विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूत करने पर काम कर रही है, ताकि लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

संवैधानिक रास्ते पर चलने की अपील
अंत में अमित शाह ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां हर समस्या का समाधान संविधान के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी और जो लोग हथियार उठाकर निर्दोषों को नुकसान पहुंचाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि देश में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल बना रहे।

Leave Your Comment