भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 37 वर्षीय पुजारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट कर फैस को हैरान कर दिया है। यह घोषणा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक भावनात्मक क्षण है, क्योंकि पुजारा ने अपने दो दशक लंबे करियर में भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पुजारा की भावुक पोस्ट
चेतेश्वर पुजारा ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- "भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना, और हर बार मैदान पर कदम रखते ही अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना, शब्दों में बयां करना नामुमकिन है कि इसका असली मतलब क्या था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, हर अच्छी चीज का अंत होना ही होता है, और अपार कृतज्ञता के साथ मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है।"
उन्होंने अपने पोस्ट में बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड), सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन, विभिन्न फ्रेंचाइजियों, काउंटी टीमों, कोचों और अपने आध्यात्मिक गुरु को उनके समर्थन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। पुजारा ने अपने गृहनगर राजकोट से शुरू हुए अपने सफर को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से शहर के लड़के के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनना उनका सपना था, जो इस खेल ने उन्हें दिया।
पुजारा का शानदार करियर
चेतेश्वर पुजारा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत 2005 में सौराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट में की थी। उन्होंने 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में टेस्ट डेब्यू किया, जहां उन्होंने दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी की और 72 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय करियर
टेस्ट क्रिकेट
पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए। उनके नाम 19 शतक और 35 अर्धशतक हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 206* रहा।
वनडे क्रिकेट
पुजारा ने 5 वनडे मैचों में 51 रन बनाए, लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली।
टी20 क्रिकेट
पुजारा ने भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला। आपको बता दें पुजारा ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक प्रदर्शन
पुजारा को विशेष रूप से 2018 और 19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए याद किया जाता है, जहां उनकी शानदार शतकीय पारियों ने भारत को ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने में मदद की। उनकी मजबूत बल्लेबाजी ने उन्हें राहुल द्रविड़ के बाद "नई दीवार" का खिताब दिलाया। पुजारा का नाम भारतीय टेस्ट क्रिकेट में हमेशा एक भरोसेमंद और दृढ़ बल्लेबाज के रूप में याद किया जाएगा। उनकी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ कठिन परिस्थितियों में खेली गई पारियों ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं। उनके संन्यास के साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक युग का अंत माना जा रहा है।
पुजारा लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर थे, और उनका आखिरी फर्स्ट क्लास मैच फरवरी 2025 में गुजरात के खिलाफ था। कुछ X पोस्ट्स में यह दावा किया गया कि बीसीसीआई और कोच गौतम गंभीर द्वारा लगाए गए कुछ शर्तों, जैसे विजय हजारे ट्रॉफी खेलने की मांग, ने उनके संन्यास के फैसले को प्रभावित किया हो सकता है। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।



