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पाइप गन के धमाके से 17 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत, CCTV में कैद हुआ हादसा

पाइप गन के धमाके से 17 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत, CCTV में कैद हुआ हादसा

आगरा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। किरावली थाना क्षेत्र के अभुआपुरा गांव में मंगलवार रात पाइप गन से छेड़छाड़ के दौरान हुए धमाके में 17 वर्षीय किशोर आकाश बघेल की जान चली गई। खेल-खेल में दोस्तों ने पाइप की नली पर स्टील का गिलास रखकर धमाका किया, लेकिन गिलास के फटने से उछला एक नुकीला टुकड़ा आकाश के सीने में धंस गया। दिल के पास लगी चोट इतनी गंभीर थी कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोगों के बीच सनसनी फैला रही है।

यह हादसा 22 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे राणा कोल्ड स्टोर के पास हुआ। आकाश, जो 11वीं कक्षा का मेधावी छात्र था, अपने दोस्तों लवकुश और अंशु के साथ दीवाली की खुशियां मना रहा था। गांव के लड़के अक्सर ऐसे 'खतरनाक खेलों' में मशगूल हो जाते हैं, जहां पाइप गन को घरेलू सामग्री से 'बम' बनाकर फोड़ा जाता है। इस बार उन्होंने पाइप में गंधक और पोटाश का मिश्रण भरा और ऊपर से स्टील का एक गिलास रख दिया। धमाके की तैयारी पूरी होते ही चिंगारी सुलगाई गई। लेकिन जैसे ही विस्फोट हुआ, गिलास के टुकड़े चारों तरफ बिखर गए। एक तेज धार वाला टुकड़ा सीधा आकाश के सीने पर जा लगा, जो महज कुछ कदम दूर खड़ा था।

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि धमाके की आवाज के साथ आकाश का चेहरा पीला पड़ जाता है। वह अपना सीना थामकर तड़पने लगता है, कराहते हुए भागने की कोशिश करता है। खून की धार बहने लगती है, और दोस्त हतभागी होकर चिल्लाने लगते हैं। आकाश के पिता रविंद्र राणा, जो हलवाई का काम करते हैं, को जैसे ही खबर मिली, वे दौड़ पड़े। परिवार ने तुरंत उसे नजदीकी ट्यूलिप हॉस्पिटल ले जाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए साकेत हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां से भी इमरजेंसी में भेजा गया, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही डॉक्टरों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि स्टील का टुकड़ा दिल के ठीक बगल में धंसा था, जिससे आंतरिक रक्तस्राव हो गया।

परिवार का दर्द देखकर कोई भी विचलित हो जाए। रविंद्र राणा की आंखों में आंसू सूख ही नहीं रहे। वे बताते हैं, "आकाश हमारा लाल था। पढ़ाई में होशियार, घर का सहारा। दीवाली के बाद भाईदूज की तैयारियां चल रही थीं। छोटी बेटी सुहाना ने उसके लिए तिलक की थाली सजाई थी, लेकिन अब सब व्यर्थ।" आकाश की मां नगीना बेहोश हो जाती हैं याद आते ही। परिवार में छोटी बहन सुहाना और भाई अवधेश हैं, जो अब अनाथों की तरह बिलख रहे हैं। गुरुवार शाम आकाश का अंतिम संस्कार किरावली के कागारौल मार्ग स्थित श्मशान घाट पर हुआ, जहां गांववासी सांत्वना देने पहुंचे।

पुलिस ने घटनास्थल से टूटा हुआ स्टील गिलास बरामद किया है। किरावली थाने के प्रभारी नीरज कुमार ने बताया, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। शुरुआती जांच में साफ है कि बच्चे खेल-खेल में ऐसा कर रहे थे। परिजनों ने शिकायत में किसी पर आरोप नहीं लगाया, इसलिए कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। लेकिन हम जागरूकता अभियान चलाएंगे ताकि ऐसे खतरे दोबारा न हों।" पोस्टमॉर्टम के लिए परिवार को काफी मनाना पड़ा, क्योंकि वे बेटे के शव को छूना भी नहीं चाहते थे। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसा धमाका एसिटिलीन गैस या रासायनिक मिश्रण से होता है, जो आंखों, चेहरे या सीने पर गंभीर चोट पहुंचा सकता है।

यह घटना आगरा ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में पाइप गन के खतरे की याद दिलाती है। दीवाली जैसे त्योहारों पर बच्चे सस्ते पटाखों की जगह घर पर बने 'बमों' का सहारा लेते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। पिछले साल मध्य प्रदेश के भोपाल में इसी तरह की पाइप गन से 150 बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई थी। बिहार में भी कार्बाइड गन से कई हादसे हुए, जहां रेटिना फटने या कॉर्निया जलने की शिकायतें आम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाइप में कैल्शियम कार्बाइड और पानी का मिश्रण एसिटिलीन गैस पैदा करता है, जो चिंगारी से विस्फोटित हो जाता है। टूटते पाइप या गिलास के टुकड़े छर्रों की तरह काम करते हैं, जो शरीर में गहराई तक घुस सकते हैं।

आगरा के जिला मजिस्ट्रेट ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों और गांवों में पाइप गन के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। पुलिस और एनजीओ मिलकर अभियान चला रहे हैं, जहां माता-पिता को सलाह दी जा रही है कि बच्चों को अनियंत्रित पटाखों से दूर रखें। एनसीआरटीसी के अनुसार, त्योहारों पर 40 प्रतिशत दुर्घटनाएं घरेलू बमों से ही होती हैं। आकाश की मौत ने साबित कर दिया कि खुशियां मनाने का गलत तरीका कितना महंगा पड़ सकता है।

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