दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त 2025 को सिविल लाइंस स्थित उनके कैंप ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान हुए हमले के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से उन्हें Z कैटेगरी की वीआईपी सुरक्षा प्रदान की है, जिसमें 22 से 25 हथियारबंद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और जनसुनवाई जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
20 अगस्त 2025 को सुबह करीब 8:15 बजे, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सरकारी आवास पर साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जनता की शिकायतें सुन रही थीं। इसी दौरान गुजरात के राजकोट निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया ने शिकायतकर्ता बनकर उनसे मिलने की कोशिश की। उसने कागजात सौंपने के बहाने मुख्यमंत्री के करीब पहुंचने का प्रयास किया और अचानक उन पर हमला कर दिया।
आरोपी ने पहले पत्थर जैसी वस्तु फेंकी और फिर मुख्यमंत्री का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की, जिससे उनका सिर मेज से टकरा गया। इस हमले में रेखा गुप्ता को हाथ, कंधे और सिर में हल्की चोटें आईं। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया और दिल्ली पुलिस ने उसे पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (बीएनएस धारा 109), सरकारी कर्मचारी पर हमला (धारा 132), और सरकारी कार्य में बाधा डालने (धारा 221) के तहत मामला दर्ज किया है।
सुरक्षा में चूक, सवालों के घेरे
रेखा गुप्ता को पहले से ही दिल्ली पुलिस की ओर से Z कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त थी, जिसमें 22-25 सुरक्षाकर्मी, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), एस्कॉर्ट, वॉचर और हथियारबंद कमांडो शामिल थे। विशेष आयोजनों पर यह संख्या बढ़कर 40-50 तक हो जाती है। इसके बावजूद हमलावर का मुख्यमंत्री के इतने करीब पहुंचना और हमला कर पाना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को दर्शाता है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने इस घटना की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं, और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने हमले से पहले क्षेत्र की रेकी की थी, और उसके फोन से प्राप्त वीडियो इस बात की पुष्टि करते हैं। दिल्ली पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
Z कैटेगरी सुरक्षा
हमले के बाद केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेखा गुप्ता की सुरक्षा को और पुख्ता करने का फैसला किया। उनकी मौजूदा Z कैटेगरी सुरक्षा को Z+ स्तर तक बढ़ाया गया है, और अब उनकी सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस के साथ-साथ CRPF के विशेष वीआईपी सुरक्षा ग्रुप को सौंपा गया है। यह वही ग्रुप है जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गांधी परिवार जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की सुरक्षा संभालता है।
- नई व्यवस्था के तहत,22-25 हथियारबंद CRPF कमांडो 24 घंटे मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
- जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं और मुख्यमंत्री के बीच निश्चित दूरी सुनिश्चित की जाएगी।
- मुख्यमंत्री आवास और जनसेवा सदन में आने वाले लोगों की प्रोफाइलिंग की जाएगी, जिसमें उनकी पहचान, उद्देश्य और शिकायत की जानकारी पहले से ली जाएगी।
- सभी शिकायतकर्ताओं की एंट्री से पहले गहन जांच होगी।
- दो महिला पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) हर समय मुख्यमंत्री के साथ रहेंगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री आवास पर काम करने वाले मजदूरों, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, को जनसेवा सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
इस घटना के बाद जनसुनवाई और मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं:
- जनसेवा सदन में CRPF कमांडो तैनात किए गए हैं।
- शिकायतकर्ताओं को सीधे मुख्यमंत्री के करीब पहुंचने से रोका जाएगा।
- आवास और कार्यालय में सुरक्षा उपकरणों की तैनाती बढ़ाई जाएगी।
- सभी आगंतुकों की स्क्रीनिंग और प्रोफाइलिंग अनिवार्य होगी।
रेखा गुप्ता का बयान
हमले के बाद रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने लिखा, "जनसुनवाई के दौरान मेरे ऊपर हुआ हमला दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के संकल्प पर कायराना प्रयास है। हमले के बाद मैं सदमे में थी, लेकिन अब बेहतर महसूस कर रही हूं। मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ जनता की सेवा में लगी रहूंगी।"उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला उनके हौसले को नहीं तोड़ सकता और वह जल्द ही जनता के बीच फिर से सक्रिय होंगी।
आपको बता दें आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया गुजरात के राजकोट का निवासी है और पशु प्रेमी बताया जाता है। उसका दावा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को शेल्टर में स्थानांतरित करने के आदेश से नाराज था। उसकी मां ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और पहले भी दिल्ली की यात्रा कर चुका है। पुलिस ने उसके मोबाइल को जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है, जिसमें कई संदिग्ध नंबर मिले हैं।



