logo

BREAKING NEWS
चेले-चपाटों को नसीहत, अदिति पर टिप्पणी पर सख्त हुए योगी, बोले- बेटी का अपमान नहीं होगा बर्दाश्त

चेले-चपाटों को नसीहत, अदिति पर टिप्पणी पर सख्त हुए योगी, बोले- बेटी का अपमान नहीं होगा बर्दाश्त

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक मंच से कड़ा संदेश दिया है। आजमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बेटियों के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है और मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है।

मामला कैसे शुरू हुआ?

कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर अदिति यादव को लेकर कथित भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट सामने आए थे। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई। कानपुर समेत कई जिलों में शिकायतें दर्ज कराई गईं और साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। सपा नेताओं का आरोप था कि यह किसी की छवि खराब करने की कोशिश है। मामला लगातार तूल पकड़ता गया और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती चली गई। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस पूरे विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया।

योगी ने क्या कहा?

आजमगढ़ की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बेटी का सम्मान हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी मानी जाती है और महिलाओं के सम्मान पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान को महिला सम्मान के मुद्दे पर सरकार के स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है।

चेले-चपाटों को दी नसीहत

मुख्यमंत्री का सबसे चर्चित बयान वह रहा जिसमें उन्होंने कहा कि दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने चेले-चपाटों को भी संस्कार सिखाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं की भाषा और व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि अपने लोगों को समझा नहीं सकते तो उन्हें हमारे हवाले कर दीजिए, हम समझा देंगे। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया। कई लोग इसे सीधे तौर पर सपा नेतृत्व के लिए संदेश मान रहे हैं।

जांच पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। कानपुर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और कुछ लोगों को नामजद भी किया गया है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी लगातार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ दिखाई दे रही है कि राजनीतिक मतभेद चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, बेटियों के सम्मान का मुद्दा सभी दलों के लिए संवेदनशील बना हुआ है। अब प्रदेश की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और मामले में आगे आने वाले निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

Leave Your Comment