उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसका असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देने लगा है। शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए, तेज हवाएं चलने लगीं और कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। लंबे समय से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को इस बदलाव से राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदला है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है। कई जिलों में सुबह से ही बादल, बारिश और बिजली चमकने का सिलसिला जारी रहा।
54 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 54 जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, कानपुर, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, उन्नाव, संभल और हाथरस सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कुछ शहरों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। हाथरस में सड़कों पर पानी भर गया, जबकि कानपुर के निचले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों की तैयारी को मदद मिलेगी।
22 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 22 जिलों में तेज आंधी, तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। लखनऊ के लिए विशेष तूफान अलर्ट जारी किया गया, जबकि कई जिलों में मोबाइल संदेशों के जरिए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 और 16 जून को भी आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सीएम योगी ने दिए राहत के निर्देश
बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई जनहानि और नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों को फील्ड में जाकर हालात का जायजा लेने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कासगंज में आंधी और बारिश के दौरान मकान का लिंटर गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
हवाई सेवाओं पर भी असर
खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। दिल्ली में प्रतिकूल मौसम के कारण कई उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। अलग-अलग शहरों से दिल्ली जा रही आठ उड़ानों ने लखनऊ में लैंडिंग की। मौसम सामान्य होने के बाद सभी विमानों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 जून तक प्रदेश में प्री-मानसून का प्रभाव बना रहेगा। इसके बाद मानसून की सक्रियता और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
