उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों और पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने गौ माता को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी खुलकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मौलाना और मौलवी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान इससे कहीं ऊपर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी व्यक्ति को यह बताने की जरूरत नहीं होती कि उसकी मां कौन है, उसी तरह गाय को माता मानने के लिए किसी घोषणा की आवश्यकता नहीं है।
गौ माता पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारतीय परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और यह भाव सदियों से लोगों के संस्कारों का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि मां और बेटे के रिश्ते को किसी सरकारी दस्तावेज या घोषणा से साबित नहीं किया जाता। इसी तरह गौ माता के प्रति सम्मान भी भारतीय समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि गाय को केवल एक पशु के रूप में देखना भारतीय सोच नहीं है।
बकरीद और सोशल मीडिया का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ पोस्टों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गौ माता की तस्वीरों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में गौ हत्या कानूनन अपराध है और सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
गंगा और गाय का उदाहरण दिया
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में मां गंगा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जैसे गंगा को भारतीय समाज में मां का दर्जा प्राप्त है और उसके लिए किसी अलग पहचान की जरूरत नहीं होती, उसी तरह गौ माता का सम्मान भी भारतीय संस्कृति का स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश की परंपराएं और संस्कार लोगों को अपने आप यह सीख देते हैं कि किन चीजों का सम्मान करना है।
विस्थापित परिवारों को मिला अधिकार
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों और पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार देना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र लोगों को उनका अधिकार दिलाने का काम आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
