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रील्स देखकर कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानिए पूरा खेल

रील्स देखकर कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानिए पूरा खेल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “रील्स देखो और पैसे कमाओ” जैसे ऑफर लोगों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कई ऑफर ठगी का हिस्सा हो सकते हैं, जो आपकी निजी जानकारी और बैंक खाते दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

कैसे फंसाते हैं साइबर ठग?

आजकल साइबर अपराधी लोगों को घर बैठे आसान कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन दिखाए जाते हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि सिर्फ वीडियो या रील्स देखकर हजारों रुपये कमाए जा सकते हैं। शुरुआत में ये ऑफर बिल्कुल असली लगते हैं और लोगों को भरोसा दिलाने के लिए छोटे-मोटे भुगतान भी दिखाए जाते हैं। इसी भरोसे के कारण कई लोग बिना जांच-पड़ताल किए दिए गए लिंक पर क्लिक कर लेते हैं।

ऐप डाउनलोड करते ही शुरू हो जाता है खतरा

साइबर ठग सबसे पहले यूजर्स को एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। यह ऐप अक्सर किसी अनजान वेबसाइट या लिंक के जरिए डाउनलोड कराया जाता है। इंस्टॉल होने के बाद ऐप मोबाइल में कई तरह की परमिशन मांगता है, जैसे एसएमएस पढ़ने की अनुमति, कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच और स्क्रीन देखने की इजाजत। कई लोग बिना सोचे-समझे इन सभी परमिशन को मंजूरी दे देते हैं। यहीं से ठगों को मोबाइल की अहम जानकारी तक पहुंच मिल जाती है और खतरा बढ़ जाता है।

बैंक खाते तक कैसे पहुंचते हैं अपराधी?

जब यूजर ऐप में दिखाई गई कमाई को अपने खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश करता है, तब असली जाल बिछाया जाता है। स्क्रीन पर एक फर्जी बटन या लिंक दिखाई देता है, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल में एक खतरनाक फाइल डाउनलोड हो जाती है। यह फाइल मोबाइल में मौजूद बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा सकती है। इसके बाद अपराधी कुछ ही मिनटों में खाते से पैसे निकाल लेते हैं और पीड़ित को नुकसान का पता भी देर से चलता है।

इन बातों का रखें खास ध्यान

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट पर कोई भी प्लेटफॉर्म सिर्फ वीडियो देखने के बदले आसानी से पैसा नहीं देता। इसलिए ऐसे ऑफर्स पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी ऐप को केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें और गैरजरूरी परमिशन देने से बचें। अगर कोई ऐप एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स या स्क्रीन एक्सेस जैसी अनुमति मांगता है, तो सावधानी जरूर बरतें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। ऐसे मामलों में राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से नुकसान कम होने की संभावना बढ़ जाती है। साइबर सुरक्षा के लिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव माना जाता है।

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