नेपाल में हाल के दिनों में बिगड़ते हालात, जिसमें हिंसक प्रदर्शन, प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ और भूस्खलन शामिल हैं, ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और फंसे भारतीयों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए गए हैं।
नेपाल में पिछले कुछ दिनों से राजधानी काठमांडू से लेकर छोटे कस्बों तक Gen-Z आंदोलनकारियों के विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। इन प्रदर्शनों का कारण सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर लगाया गया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनाक्रोश बताया जा रहा है। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। नेपाल के गृह मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक लगभग 200 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं।
इन हालातों का असर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर भी पड़ रहा है, जहां व्यापार, पढ़ाई और रोजमर्रा की आवाजाही के कारण लोग नेपाल जाते-आते रहते हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं।
सीएम योगी का प्लान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद और सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है।
1. हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम
नेपाल में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए लखनऊ में डीजीपी कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से तीन हेल्पलाइन नंबर और एक व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं, जो निम्नलिखित हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: 0522-2390257, 0522-2724010, 9454401674
- व्हाट्सएप नंबर: 9454401674
ये नंबर 24 घंटे काम करेंगे ताकि फंसे हुए भारतीय नागरिक तुरंत संपर्क कर सकें और सहायता प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी दो आपातकालीन नंबर जारी किए हैं:
- काठमांडू दूतावास हेल्पलाइन: +977-9808602881, +977-9810326134
भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क करें और फिलहाल नेपाल की यात्रा टालें।
2. हाई अलर्ट वाले जिले
नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के चार जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है
- बहराइच
- श्रावस्ती
- लखीमपुर
- महाराजगंज
इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और गश्त व निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सीमा पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
3. सोशल मीडिया पर निगरानी
नेपाल में अस्थिरता के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहें और गलत जानकारी फैलने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसी कोई सामग्री प्रसारित न हो जो स्थिति को और बिगाड़े।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के नेतृत्व में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने और उनकी सहायता करने का काम करेगा। यह कक्ष हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा।
भारतीय दूतावास की भूमिका
भारत सरकार और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। दूतावास ने न केवल हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अस्थायी रूप से बंद होने के कारण उड़ानें रद्द होने से स्थिति और जटिल हो गई है, जिसके चलते दूतावास वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है।
अन्य राज्यों की पहल
उत्तर प्रदेश के अलावा, अन्य राज्यों ने भी अपने नागरिकों की मदद के लिए कदम उठाए हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि नेपाल में फंसे 187 तेलुगु नागरिकों की पहचान की गई है, और उनकी मदद के लिए रियल-टाइम गवर्नेंस (RTG) मंत्री नारा लोकेश व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। इसी तरह, राजस्थान पुलिस ने भी नेपाल में फंसे राजस्थानी नागरिकों की मदद के लिए 24×7 विशेष सेल बनाई है।



