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उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, PM मोदी ने डाला पहला वोट

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, PM मोदी ने डाला पहला वोट

भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मंगलवार को संसद भवन में मतदान शुरू हो गया है। सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले अपना वोट डाला, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती का संदेश दिया गया। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। यह चुनाव न केवल एक संवैधानिक पद के लिए है, बल्कि इसे सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्ष की विचारधाराओं के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबले के रूप में भी देखा जा रहा है।

मतदान संसद भवन के कक्ष नंबर F-101, वसुंधा में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक हो रहा है। मतगणना शाम 6 बजे शुरू होगी, और परिणाम देर शाम तक घोषित होने की उम्मीद है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य वोट डाल सकते हैं। कुल 781 सदस्यों (लोकसभा: 542, राज्यसभा: 239, जिसमें 6 रिक्तियां हैं) में से जीत के लिए 391 वोटों की आवश्यकता है। राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राम मोहन नायडू और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को आधिकारिक एजेंट नियुक्त किया गया है। मतदान गुप्त मतपत्र के माध्यम से हो रहा है, और सभी वोटों का मूल्य समान है।

राजनीतिक समीकरण

एनडीए को दोनों सदनों में संख्याबल के आधार पर बढ़त मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एनडीए के पास 425 सांसदों का समर्थन है, जो बहुमत के लिए आवश्यक 391 वोटों से अधिक है। इसके बावजूद, क्रॉस-वोटिंग की आशंकाएं बनी हुई हैं, जिससे मुकाबला रोमांचक हो सकता है।

विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने बी. सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में बयान दिया है, और कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी जल्द ही अपने वोट डालेंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई है।

कुछ दलों ने बनाई दूरी

बीजू जनता दल (बीजेडी), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने इस चुनाव में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। इन दलों का कहना है कि वे निष्पक्ष रुख अपनाना चाहते हैं और किसी भी गठबंधन का समर्थन नहीं करेंगे।

चुनाव का महत्व

उपराष्ट्रपति का पद भारत की संवैधानिक संरचना में दूसरा सर्वोच्च पद है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है, जो संसद के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह चुनाव उच्च सदन में नेतृत्व के अभाव को दूर करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस चुनाव को लेकर कई पोस्ट सामने आए हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि एनडीए की स्थिति मजबूत है, जबकि अन्य का कहना है कि विपक्ष क्रॉस-वोटिंग के जरिए आश्चर्यजनक परिणाम दे सकता है। हालांकि, ये दावे अनौपचारिक हैं और परिणाम पर कोई असर नहीं डालते।

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