उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का काम पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर बताया कि अब राज्य में कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं। इनमें 7 करोड़ 30 लाख से ज्यादा पुरुष और 6 करोड़ 9 लाख से ज्यादा महिला मतदाता शामिल हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
मतदाता वृद्धि के आंकड़ों में प्रयागराज सबसे आगे रहा, जहां 3 लाख से ज्यादा नए वोटर जुड़े। इसके बाद लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विधानसभा स्तर पर साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद टॉप पर रहे हैं।
166 दिन चली लंबी प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया 166 दिनों तक चली। 26 दिसंबर को पहला चरण पूरा हुआ और 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई। इसके बाद दो महीने तक दावे और आपत्तियों का समय दिया गया, जिसके आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई।
नाम छूट गया तो क्या करें
अधिकारियों ने साफ किया कि अगर किसी का नाम इस फाइनल लिस्ट में नहीं है तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। मतदाता सूची को लगातार अपडेट किया जाता रहेगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वोटिंग से वंचित न रहे।
2027 चुनाव से पहले सियासत तेज
इस नई वोटर लिस्ट के सामने आने के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि कई मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। अब साफ है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह वोटर लिस्ट राजनीतिक दलों के लिए बड़ा मुद्दा बनने वाली है और आने वाले समय में इस पर सियासत और तेज हो सकती है।
