उत्तर प्रदेश में एक बार फिर परीक्षा के सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला 7वीं कक्षा की संस्कृत परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा में पूछी गई एक पहेली को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है। कई लोग इसे गलत और आपत्तिजनक मान रहे हैं।
कौन सा सवाल बना विवाद की वजह
परीक्षा में एक पहेली पूछी गई थी, जिसमें ‘पंडित’ शब्द का जिक्र था। इस सवाल को कुछ लोगों ने जातिसूचक मान लिया और इसे लेकर विरोध शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि ऐसे सवाल बच्चों के पेपर में नहीं होने चाहिए।
लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। कई लोगों ने पेपर बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह सवाल पाठ्यक्रम में नहीं था और इसे जानबूझकर शामिल किया गया है।
पहले भी उठ चुका है ऐसा विवाद
यह पहला मामला नहीं है जब इस तरह का विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी भर्ती परीक्षा में एक सवाल को लेकर इसी तरह का विरोध हुआ था। उस समय भी कई लोगों ने सवाल की भाषा पर आपत्ति जताई थी।
सरकार और प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब इस नए मामले के सामने आने के बाद प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। लोगों की मांग है कि जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि सवाल कैसे पेपर में शामिल हुआ। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए भी कदम उठाए जाएं।
परिषदीय स्कूलों को लेकर भी चर्चा
इस विवाद के बाद परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था भी चर्चा में आ गई है। ये स्कूल सरकारी होते हैं और यहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सवालों की गुणवत्ता और भाषा पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।
