भोपाल में नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले को गंभीर मानते हुए आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शादी के केवल पांच महीने बाद हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्विशा शर्मा की शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा लगातार परेशान थीं।
आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पूछा है कि एफआईआर में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति क्या है। साथ ही फरार आरोपी समर्थ सिंह को पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
सबूतों की स्थिति पर भी सवाल
आयोग ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी मांगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया और पहले की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इस संबंध में भी जवाब तलब किया गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि आरोपी देश छोड़कर न भाग सके, इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
परिवार की सुरक्षा पर भी जोर
महिला आयोग ने साफ कहा है कि पीड़िता के परिवार को किसी तरह की धमकी, दबाव या चरित्र हनन से सुरक्षा दी जानी चाहिए। आयोग चाहता है कि जांच निष्पक्ष माहौल में आगे बढ़े और किसी भी तरह का प्रभाव प्रक्रिया को प्रभावित न करे।
लापरवाही पर सख्त संदेश
राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रभाव का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना जरूरी है।
