भोपाल में 12 मई को अपनी ससुराल में मृत मिली ट्विशा शर्मा मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को सीबीआई ने औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एजेंसी की स्पेशल क्राइम यूनिट भोपाल पहुंच चुकी है और अब राज्य पुलिस से जुड़े सभी दस्तावेजों और घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा की जा रही है। इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
आखिरी फोन कॉल बना बड़ा सुराग
जांच के दौरान सबसे अहम पहलू ट्विशा की आखिरी बातचीत मानी जा रही है। एफआईआर के अनुसार, घटना की रात उन्होंने रात 9 बजकर 41 मिनट पर अपनी मां से फोन पर बात की थी। परिवार का दावा है कि बातचीत के दौरान पृष्ठभूमि में उनके पति समर्थ सिंह की ऊंची आवाज सुनाई दे रही थी। इसके कुछ देर बाद फोन अचानक कट गया। जब परिवार ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाकर केवल इतना कहा कि ट्विशा अब इस दुनिया में नहीं हैं। अब सीबीआई इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है।
शरीर पर चोटों ने बढ़ाए सवाल
मामले में सबसे ज्यादा सवाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठ रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना बताया गया, लेकिन इसके साथ शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें मौत से पहले की हैं और किसी भारी वस्तु या दबाव से लगी हो सकती हैं। यही वजह है कि मामला अब केवल आत्महत्या या सामान्य मौत तक सीमित नहीं माना जा रहा। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ये चोटें कैसे लगीं और इनके पीछे कौन जिम्मेदार था।
परिवार ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज और पैसों को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि ससुराल पक्ष लगातार मानसिक दबाव बना रहा था। उनके अनुसार आर्थिक लेनदेन और घरेलू विवाद लंबे समय से चल रहे थे। परिवार का दावा है कि यही परिस्थितियां ट्विशा पर भारी पड़ती चली गईं। अब सीबीआई दहेज और पैसों के लेनदेन से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी।
गिरिबाला की भूमिका पर भी सवाल
इस मामले में एक और बड़ा सवाल यह है कि क्या पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल जांच को प्रभावित करने में कर रही थीं। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि मीडिया में लगातार दिए गए बयान जांच को दूसरी दिशा देने की कोशिश हो सकते हैं। सीबीआई अब यह भी पता लगाएगी कि जांच में किसी तरह का दबाव बनाया गया या नहीं।
अब इन सवालों पर टिकी नजरें
सीबीआई अब सात बड़े सवालों के जवाब तलाशेगी। मौत का वास्तविक कारण क्या था, चोटों के पीछे कौन था, अंतिम समय में क्या हुआ, दहेज विवाद कितना सच था और क्या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों पक्षों से मीडिया में बयान देने से बचने और जांच एजेंसी के सामने ही अपना पक्ष रखने की अपील की है।
