logo

header-ad
header-ad
ट्रम्प ने दी चीन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी, बोले- बर्बाद कर सकता हूं...

ट्रम्प ने दी चीन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी, बोले- बर्बाद कर सकता हूं...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी, यदि बीजिंग ने अमेरिका को रेयर अर्थ मैग्नेट्स की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की। यह बयान व्हाइट हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ मुलाकात के दौरान आया। ट्रम्प का यह बयान अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में एक नया मोड़ ला सकता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, विशेष रूप से ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।

ट्रम्प ने कहा, "उन्हें (चीन को) हमें मैग्नेट्स देने होंगे... वरना 200% टैरिफ लगेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास "ऐसे कार्ड्स" हैं, जिनके इस्तेमाल से चीन की अर्थव्यवस्था "बर्बाद" हो सकती है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी जोड़ा कि वह इन कार्ड्स को खेलना नहीं चाहते और चीन के साथ "बेहतरीन रिश्ते" बनाए रखना चाहते हैं। यह बयान उनके हाल के रुख से उलट है, जब उन्होंने व्यापार युद्धविराम को 90 दिनों के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी।

रेयर अर्थ मैग्नेट्स, जो दुर्लभ खनिजों से बनते हैं, अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। वैश्विक आपूर्ति में चीन का 90% नियंत्रण है, और अमेरिका अपने रेयर अर्थ मैग्नेट्स का लगभग 70% चीन से आयात करता है। 2025 के जून में, चीन ने अमेरिका को 353 टन रेयर अर्थ मैग्नेट्स निर्यात किए, जिसमें यिट्रियम जैसे तत्वों का 93% हिस्सा शामिल है।

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध 2024 से तेज हुआ है। अप्रैल 2025 में, चीन ने रेयर अर्थ तत्वों पर निर्यात प्रतिबंध कड़े किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने चीनी आयात पर टैरिफ को 145% तक बढ़ा दिया था। हालांकि, हाल ही में दोनों देशों ने एक अस्थायी समझौते के तहत टैरिफ को कम कर 30% (अमेरिका) और 32.6% (चीन) कर दिया। यह समझौता नवंबर 2025 तक प्रभावी है, लेकिन ट्रम्प की नई धमकी से यह समझौता खतरे में पड़ सकता है।

ट्रम्प का बदलता रुख

ट्रम्प का चीन के प्रति रुख अक्सर बदलता रहा है। एक तरफ, उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत और बीजिंग की संभावित यात्रा की बात कही, वहीं दूसरी तरफ धमकी भरे बयान दिए। कुछ दिन पहले ही उन्होंने व्यापार वार्ताओं को प्राथमिकता देने की बात कही थी, लेकिन अब उनका यह आक्रामक रुख निवेशकों और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर रहा है।

भारत-चीन संबंधों का प्रभाव

ट्रम्प की यह धमकी भारत और चीन के बढ़ते संबंधों की पृष्ठभूमि में भी आई है। हाल ही में, चीन ने भारत को रेयर अर्थ सामग्री और सुरंग खोदने वाली मशीनें देने का वादा किया है। ट्रम्प को भारत और चीन की यह नजदीकी खटक रही है, खासकर तब जब उन्होंने भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। मानना है कि ट्रम्प का यह बयान भारत-चीन संबंधों को प्रभावित करने की कोशिश भी हो सकता है।

बीजिंग के सेंटर फॉर चाइना एंड ग्लोबलाइजेशन के हेनरी वांग ने कहा, "ट्रम्प अक्सर बड़ी बातें करते हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि दोनों देश अपने समझौतों को कितना लागू करते हैं। मानना है कि नवंबर में होने वाली अमेरिका-चीन व्यापार वार्ताएं, जिसमें चीन के शीर्ष व्यापार वार्ताकार ली चेंगगैंग वॉशिंगटन जाएंगे, इस तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण होंगी।

Leave Your Comment