उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे ने त्योहार की चमक को अंधेरे में बदल दिया। बिसलपुर मार्ग पर भुता थाना क्षेत्र के बरहेपुर चौराहे के पास एक तेज रफ्तार ईको वैन और सामने से आ रही बस की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक हादसे इतना भयावह था कि वैन के परखच्चे उड़ गए और अंदर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को वैन से निकालने के लिए फायर ब्रिगेड को कटर से दरवाजा काटना पड़ा, जबकि 10 अन्य यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पीड़ित पीलीभीत जिले के रहने वाले थे, जो दिवाली मनाने परिवार के पास लौट रहे थे।
वैन चकनाचूर, चीख-पुकार से गूंजा इलाका
रात करीब 11 बजे की बात है, जब बरेली से सवारियां लेकर पीलीभीत जा रही ईको वैन बिसलपुर रोड पर बस की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार ज्यादा होने के कारण टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह मलबे में बदल गया। वैन के अंदर फंसे यात्रियों की चीख-पुकार से इलाका दहल उठा। स्थानीय लोग और राहगीरों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला, लेकिन मलबे में दबे तीन युवकों को बचाना संभव न हो सका।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम को मौके पर पहुंचने में थोड़ा वक्त लग गया। कटिंग मशीन से वैन का दरवाजा काटा गया, तब जाकर लाशें बाहर निकाली जा सकीं। मृतकों की पहचान पीलीभीत जिले के निवासी रामू (28), श्यामू (25) और राजू (30) के रूप में हुई है। ये तीनों मजदूरी का काम करके बरेली में रहते थे और दीवाली के मौके पर परिवार के साथ त्योहार मनाने घर लौट रहे थे। उनके परिवार अब orphan जैसे हो गए हैं, जहां खुशी के पटाखों की जगह मातम की आवाजें गूंज रही हैं।
10 घायल, जिला अस्पताल में भर्ती, बस चालक फरार
हादसे में घायल 10 यात्रियों को बरेली के जिला अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, कईयों को सिर और छाती में चोटें आई हैं, जबकि दो-तीन की हालत नाजुक है। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। एसपी (ग्रामीण) मनुष पारेक ने बताया, "प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच चल रही है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।" वैन चालक भी जख्मी होने के कारण पूछताछ में सहयोग नहीं कर पा रहे।
अंधेरे में लापरवाही बनी काल
यह हादसा बरेली-पीलीभीत मार्ग पर बढ़ते सड़क हादसों की एक कड़ी जोड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय खराब लाइटिंग, ज्यादा स्पीड और ओवरलोडिंग जैसी लापरवाहियां इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण हैं। दिवाली जैसे त्योहारों में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे सड़कें और खतरनाक हो जाती हैं। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है। पीड़ित परिवारों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। रामू के भाई ने भावुक होकर कहा, "भाई दिवाली के लिए कितने उत्साहित थे, लेकिन अब घर में सिर्फ अंधेरा है।



