स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 अन्य यात्री घायल हुए। यह दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर नाला फेरी घाट के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार यात्री बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। बस में सवार सभी यात्री बिहार के रहने वाले थे और गंगा सागर में स्नान करने के बाद अपने गृह जिले मोतिहारी, पूर्वी चंपारण की ओर लौट रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक सुबह करीब 7:30 बजे, एक निजी यात्री बस, जो दुर्गापुर की ओर जा रही थी, नाला फेरी घाट के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, और कई यात्री बस के अंदर फंस गए। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, बस चालक के नियंत्रण खो देने या संभवतः झपकी लेने के कारण यह हादसा हुआ। बस में कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे। मृतकों में आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, और सभी यात्री बिहार के मोतिहारी जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के सरसौआ घाट इलाके के निवासी थे। घायलों में छह बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य में जुट गईं। क्रेन और गैस कटर की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्क बनर्जी और जिलाधिकारी आयशा रानी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। पूर्वी बर्धमान के पुलिस अधीक्षक सायक दास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बस एक तीर्थ यात्रा पर थी, और हादसा ट्रक से टक्कर के कारण हुआ।
बताया जा रहा है की बस में सवार यात्री 8 अगस्त को बिहार के मोतिहारी से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। उन्होंने झारखंड के देवघर और पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तारकेश्वर धाम का दर्शन किया था। इसके बाद, वे दक्षिण 24 परगना जिले में गंगा सागर में स्नान करने गए थे। हादसा तब हुआ जब वे गंगा सागर से अपने घर वापस लौट रहे थे। स्थानीय निवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों की समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण इस तरह के हादसे बार-बार होते हैं, लेकिन प्रशासन ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।



