गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार से आ रही एक सफेद अर्टिगा कार (पंजीकरण संख्या UP14GS9138) ने ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सिपाही विपिन कुमार को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भयानक था कि सिपाही विपिन कुमार करीब 10 फीट हवा में उछलकर 100 मीटर दूर सड़क पर जा गिरे। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कार 120-130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी और अचानक लेन बदलते हुए सिपाही को टक्कर मारी।
हादसे के समय सिपाही विपिन कुमार, जो मूल रूप से खुर्जा के विमलानगर के निवासी हैं, आइपीईएम कॉलेज के निकास प्वाइंट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मियों और राहगीरों की मदद से घायल सिपाही को तुरंत गाजियाबाद के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सिपाही के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, और उनके दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्तमान में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद विजय नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार को कब्जे में ले लिया और चालक विनीत को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि कार विनीत के भाई के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने सिपाही के भाई अक्षय कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया, जो स्वयं गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में तैनात हैं। अक्षय ने आरोप लगाया कि चालक ने जानबूझकर उनके भाई पर कार चढ़ाई, जिसे वे हत्या का प्रयास मानते हैं।
एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कार की रफ्तार 130 किमी/घंटा थी, और चालक ने लापरवाही से लेन बदलकर हादसे को अंजाम दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चालक विनीत और कार में सवार एक अन्य व्यक्ति शामिल है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य सबूत जुटा रही है।
पीड़ित की स्थिति
सिपाही विपिन कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है। उनके परिवार वाले और सहकर्मी अस्पताल में उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। विपिन के भाई अक्षय ने बताया कि उनके भाई ने हमेशा अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई, और इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
यह हादसा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है। इस मार्ग पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, सोशल मीडिया पर इस हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है।



