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आगरा में दर्दनाक हादसा: बेकाबू कार ने 8 लोगों को रौंदा, 5 की मौत, 3 घायल

आगरा में दर्दनाक हादसा: बेकाबू कार ने 8 लोगों को रौंदा, 5 की मौत, 3 घायल


उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में शुक्रवार रात को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। नगला बूढ़ी इलाके में एक तेज रफ्तार टाटा नेक्सॉन कार ने बेकाबू होकर पहले एक डिलीवरी बॉय को कुचल दिया, फिर सड़क किनारे बैठे सात लोगों को रौंद डाला। इस भयावह दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पीट-पीटकर घायल कर दिया, जिसे पुलिस ने भीड़ के चंगुल से बचाकर हिरासत में ले लिया।

यह घटना न्यू आगरा थाना क्षेत्र के नगला बूढ़ी रोड पर करीब 8:35 बजे हुई। आंखों देखी घटना के मुताबिक, दयालबागह निवासी अंशुल गुप्ता नामक चालक अपनी टाटा नेक्सॉन कार को 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चला रहा था। पुलिस चेकपॉइंट के पास पहुंचते ही चालक ने नियंत्रण खो दिया। सबसे पहले कार ने जोमैटो डिलीवरी बॉय भानु प्रताप (25 वर्ष, निवासी बोदला) की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। भानु उस वक्त पार्सल डिलीवरी करके वापस लौट रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इसके बाद कार सड़क डिवाइडर से टकराई और पलटते हुए सड़क किनारे एक घर के बाहर बैठे लोगों की चपेट में आ गई। लगभग 400 मीटर के दायरे में फैले इस हादसे में सात अन्य लोग शिकार हो गए। मृतकों में 23 वर्षीय कमल, 20 वर्षीय कृष्णा, 21 वर्षीय बन्टेश और 33 वर्षीय बबली शामिल हैं। बबली एक मां थीं, जो अपने बेटे के साथ शाम को कपड़े खरीदने गई हुई थीं। दुखद यह कि कृष्णा की दिल्ली में शादी तय थी, जो आज ही होनी थी। वह परिवार के साथ शाम की सैर पर था जब मौत ने उसके सपनों को कुचल दिया। बन्टेश और कमल स्थानीय युवक थे, जो रोजगार की तलाश में इलाके में घूम रहे थे।

घायलों में राहुल और गोलू की हालत सबसे नाजुक है। दोनों को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर और छाती में गंभीर चोटें हैं। तीसरा घायल मामूली रूप से जख्मी है और उसका इलाज चल रहा है। परिवारजन अस्पताल के बाहर सड़क पर रोते-बिलखते नजर आए। भानु प्रताप के पिता ने बताया, "मेरा बेटा रात 8 बजे घर लौट रहा था। वह हमारा इकलौता सहारा था। अब कौन देखेगा इस घर को?" इसी तरह बबली के पति ने आंसू भरी आंखों से कहा, "हम कपड़े खरीदने गए थे, लेकिन मौत ने सब छीन लिया। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"

हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने उलटी दिशा से आ रही कार को घेर लिया। उन्होंने चालक अंशुल को गाड़ी से खींचकर जमकर पिटाई की। एयरबैग खुलने से चालक को ज्यादा चोटें नहीं आईं, लेकिन भीड़ की पिटाई से वह घायल हो गया। सूचना मिलते ही न्यू आगरा थाने की फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शक जताया जा रहा है कि अंशुल शराब के नशे में था। मृतकों के परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और वाहन जब्त कर लिया गया। एसएसपी आगरा ने बताया, "पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए। सीएम कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, "ऐसे अमानवीय कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अभियान तेज किया जाएगा।"

यह हादसा आगरा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की पोल खोलता है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक सड़क हादसे होते हैं, जिनमें तेज रफ्तार और नशे के सेवन मुख्य कारण हैं। आगरा जैसे पर्यटन नगरी में जहां ट्रैफिक पहले से ही भारी है, वहां पुलिस चेकपॉइंट के बावजूद ऐसी लापरवाही चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त ट्रैफिक नियमों, स्पीड कैमरों की स्थापना और जागरूकता अभियानों से ही ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकता है। स्थानीय एनजीओ ने मांग की है कि मृतकों के परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए और चालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो।

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