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किराए का घर लेने से पहले देखें ये 4 संकेत, बाद में न हो परेशानी

किराए का घर लेने से पहले देखें ये 4 संकेत, बाद में न हो परेशानी

बड़े शहरों में अपना घर खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में लाखों लोग किराए के मकान या फ्लैट में रहते हैं। घर चुनते समय लोग किराया, लोकेशन, ऑफिस की दूरी और आसपास बाजार जैसी चीजें देखते हैं। लेकिन घर की हालत, धूप, हवा और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। वास्तु मानने वाले लोग दिशा और आसपास के माहौल को भी ध्यान में रखते हैं। हालांकि घर चुनते समय सबसे पहले सुरक्षा, साफ-सफाई और सुविधाओं को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

धूप और हवा जरूर देखें
किराए का घर देखने जाएं तो सबसे पहले खिड़कियां, रोशनदान और धूप आने की जगह देखें। दिन में घर के अंदर पर्याप्त रोशनी आने से कमरों में नमी और बदबू कम रहती है। हवा का रास्ता अच्छा होने पर गर्मी में भी राहत मिलती है। बंद और अंधेरे घरों में फफूंदी, मच्छर और सीलन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए घर देखने का समय दिन का रखें ताकि पता चल सके कि धूप कितनी आती है और कमरों में हवा चलती है या नहीं।

ग्राउंड फ्लोर पर रखें सावधानी
वास्तु में ऊपरी मंजिल को बेहतर बताया जाता है, लेकिन असली बात सुविधा और सुरक्षा की है। ग्राउंड फ्लोर पर रहने से बुजुर्गों, बच्चों और सामान लाने ले जाने में आसानी होती है। मगर यहां पानी भरने, मच्छरों, चोरी और प्राइवेसी की परेशानी हो सकती है। ऊपर की मंजिल पर धूप और हवा बेहतर मिल सकती है, लेकिन लिफ्ट न होने पर रोज चढ़ना मुश्किल बन सकता है। इसलिए फ्लोर चुनते समय परिवार की जरूरत, सीढ़ियां, लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्था जरूर जांचें।

सीलन और टूट-फूट से बचें
कम किराए के चक्कर में खराब हालत वाला घर लेना बाद में भारी पड़ सकता है। दीवारों पर सीलन, छत से पानी टपकना, टूटा फर्श, खुले तार और खराब स्विच बोर्ड बड़ी परेशानी बन सकते हैं। बरसात में ऐसे घरों में पानी भरने और बिजली के खतरे भी बढ़ जाते हैं। मकान मालिक से साफ पूछें कि मरम्मत कौन कराएगा। घर में पानी की टंकी, नल, बाथरूम, किचन, बिजली मीटर और ड्रेनेज भी जांच लें। लिखित एग्रीमेंट में मरम्मत की जिम्मेदारी जरूर दर्ज कराएं।

सुनसान इलाके में न लें घर
घर के आसपास का माहौल भी बहुत मायने रखता है। सुनसान सड़क, खाली प्लॉट, जर्जर इमारत या खराब स्ट्रीट लाइट वाले इलाके में सुरक्षा की चिंता बढ़ सकती है। रात के समय उस इलाके का चक्कर लगाकर देख लें। पास में मेडिकल स्टोर, किराना दुकान, बस स्टॉप, स्कूल और पुलिस चौकी जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, यह भी जानें। पड़ोसियों से पानी, बिजली, पार्किंग और सुरक्षा की जानकारी लेना भी जरूरी है। वास्तु में पेड़ों की छाया को लेकर अलग मान्यताएं हैं, लेकिन असली चिंता यह होनी चाहिए कि पेड़ या पुरानी दीवार गिरने का खतरा तो नहीं है।

एग्रीमेंट से पहले करें जांच
किराया तय करने से पहले मकान मालिक के दस्तावेज, बिजली बिल, पानी बिल और सोसाइटी नियम देख लें। एडवांस देने से पहले रेंट एग्रीमेंट पढ़ें और हर भुगतान की रसीद लें। घर की फोटो और वीडियो बनाकर रख लें ताकि बाद में नुकसान को लेकर विवाद न हो। किराए का घर तभी सही है जब वह सुरक्षित, साफ, हवादार और आपकी रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक हो।

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