कानपुर के जनरलगंज में रथयात्रा के दौरान दो मंडलों के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान जमकर पत्थर चले, जिसमें 10 से अधिक लोग घायल हो गए है। एक मंडल की महिलाओं ने दूसरे मंडल के पदाधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
बतादें कानपुर के जनरलगंज में जगन्नाथ रथयात्रा के दूसरे दिन भी देर रात 10 बजे बवाल हो गया, दो मंडलों के पदाधिकारियों में मारपीट हुई। पत्थर चले और वाद्य यंत्रों से एक दूसरे पर हमला किया गया, इसमें बच्चे, महिलाओं समेत 10 से अधिक लोग घायल हो गएआरोप है कि एक मंडल की महिलाओं से दूसरे मंडल के पदाधिकारियों ने बदसलूकी की है।
जानकारी के मुताबिक बीती रात जनरलगंज से जगन्नाथ रथयात्रा उठी और नयागंज चौराहे के पास पहुंची, यहां पर श्री ओमर वैश्य बाल गोपाल जी सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पानी और कोल्ड ड्रिंक का स्टॉल लगा था, बताया जा रहा है कि दूसरे मंडल श्री दोषर वैश्य नवयुवक मंडल के पदाधिकारी वहां से गुजरे और दोनों मंडलों के पदाधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं। वही एसीपी चकेरी अभिषेक पांडेय ने बताया कि मामला शांत करा दिया गया है।
पुलिस द्वारा मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। साथ ही, पुलिस बल की सहायता से रथ यात्रा को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाया गया। कुछ व्यक्तियों द्वारा इस घटना को राजनीतिक बताया गया जो की अब तक की जाँच में ग़लत पाया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आपकों बतादें जगन्नाथ रथयात्रा के पहले दिन भी श्री ओमर वैश्य बाल गोपाल जी सेवा समिति और श्री दोषर वैश्य नव युवक मंडल के पदाधिकारियों के बीच मारपीट और कहासुनी हुई थी, जिसमें एक मंडल की महिलाओं ने दूसरे पदाधिकारियों पर नशे में धुत होकर अभद्रता करने का आरोप लगाकर बादशाहीनाका थाने में शिकायत की थी, हालांकि पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, झगड़े के बाद एक मंडल की महिलाओं का कहना है कि अगर पुलिस पहले दिन ही कार्रवाई करती तो ये झगड़ा नही होता।



