न्यूज प्लस कानपुर,प्रबुद्ध चौहान। साल 2025 समाप्त हो चुका है, और नए साल का आगमन हो गया है। ऐसे में साल 2025 में हुई वारदातों को लोग आज भी याद कर रहे हैं। 2025 बाता तो अच्छी यादों के साथ-साथ कुछ ऐसी वारदातें भी इस साल घटित हुई हैं जिन्होंने लोगों के दिलों-दिमाग पर गहरा असर डाला है। और ऐसे में लोगों की जुबान पर आ गया कि मर्द को दर्द होता है। तो आइए आपको रूबरू कराते हैं ऐसी ही कुछ खौफनाक वारदातों से जिन्होंने पुरुष वर्ग को भीतर तक झकझोर दिया।
सबसे पहले बात करेंगे साल 2025 के अंतिम चंद दिनों में कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में जिन्होंने कई शब्दों और घटनाओं के मायने बदल दिए। रिश्तों को शर्मसार किया गया, यहाँ तक की लोगों की जान तक को नहीं बक्शा गया। ऐसे में मुस्कान, सोनम रघुवंशी, गुंजा, हनीमून और नीला ड्रम जैसे शब्द अब सिर्फ नाम नहीं रहे, बल्कि समाज में स्त्री, अपराध, कानून और रिश्तों पर नई बहस की वजह बन गए। यही कारण है कि 2025 को कई लोग ‘मर्द के दर्द’ का साल भी कहने लगे हैं। यही नहीं 2025 के जाने से कुछ घन्टे पहले ही यूपी के महोबा में भी ऐसी ही घटना सामने आई जहां भांजे के प्यार में पागल तीन बच्चों की मां ने अपने ही पति को प्रेमी भांजे के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया।
आईटी इंजीनियर अतुल सुभाष केस
सबसे पहले बात करेंगे बीते साल 2024 के आखिरी महीने यानी 9 दिसंबर की। दिसंबर 2024 को आईटी इंजीनियर अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले 24 पन्नों का सुसाइड नोट और करीब डेढ़ घंटे का वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने झूठे मुकदमों, न्याय व्यवस्था और ससुराल पक्ष पर गंभीर सवाल उठाए. उनका दर्द सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक गूंजता रहा। उनका लिखा वाक्य ‘‘This ATM has been closed permanently” कई पुरुषों की पीड़ा की आवाज बन गया। मूल रूप से यूपी के रहने वाले 34 साल के अतुल सुभाष ने अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और सास निशा सिंघानिया पर पैसों के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली। यही नहीं उन्होंने फैमिली कोर्ट की जज पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आखिरी वीडियो में अतुल जो बात कह रहे हैं, वह हिला रहा है. मौत के बाद भी इंसाफ न मिलने पर वह अपने अस्थियों को अदालत के पास के नाले में बहा देने की आखिरी इच्छा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का वीडियो और 24 पेज का खत लिखकर कहा कि और कोई उपाय नहीं बचा है. अतुल का शव उनके फ्लैट से मिला. उन्होंने अपने वीडियो मैसेज में X (पहले ट्विटर) के मालिक एलन मस्क और अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप को भी टैग किया। कमरे में Justice is Due लिखी एक तख्ती भी मिली थी। पुलिस ने अतुल की पत्नी और पत्नी के परिवार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। जैसे ही ये मामला सामने आया सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ और #JusticeForAtulSubhash ट्रेंड करने लगा था।
टीसीएस कर्मचारी मानव शर्मा
2025 में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहीं। फरवरी में टीसीएस कर्मचारी मानव शर्मा ने भी आत्महत्या से पहले वीडियो बनाकर पत्नी और उसके परिवार पर आरोप लगाए। बंगलुरू में कार्यरत आगरा के AI इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड जैसा एक केस सामने आया। मरने से पहले मानव शर्मा ने एक वीडियो बनाया और पत्नी निकिता पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, निकिता ने आरोपों को गलत बताया और अपनी सफाई में कहा कि वो मेरा पास्ट था। 24 फरवरी को TCS के रिक्रूटमेंट मैनेजर मानव शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। मानव शर्मा का 6 मिनट 57 सेकेण्ड का ‘आखिरी वीडियो’ दिल दहलाने वाला था। फंदे को गले में कसकर वीडियो बनाते हुए मानव कई बार भावुक होते दिखाई दिए थे। मानव ने वीडियो में कहा था मैं तो चला जाऊंगा। मर्दों की सोचो, प्लीज सोचो, मर्दों के बारे में कोई तो बात करे, बेचारे बहुत अकेले हैं।
अलवर में हंसराम की हत्या
इसके बाद बात करते हैं राजस्थान की। राजस्थान के अलवर जिले में मकान की छत पर रखे नीले ड्रम में युवक का शव मिला था। इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर मेरठ का मामला याद आ गया, जिसमें आरोपी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। मामला राजस्थान के खैरथल-तिजारा का है जहां मकान की छत पर रखे नीले प्लास्टिक ड्रम से 35 वर्षीय युवक हंसराम का शव बरामद हुआ था। ड्रम के मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हंसराम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शहाजहांपुर का रहने वाला था जो कि पिछले 6 महीने से अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ आदर्श कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। वह स्थानीय किराना दुकान पर काम करता था। रात को मकान मालकिन ने घर का दरवाजा खुला देखा और अंदर जाकर छत पर रखे ड्रम को देखा तो उससे तेज बदबू आ रही थी। जब शक हुआ तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची और ड्रम को खोला, तो उसमें शव नमक में दबा हुआ मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मृतक की पत्नी और दो बच्चे घर से गायब थे।
मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम’ केस
मार्च में मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम केस’ सामने आया, जिसमें मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। कातिल मुस्कान का खौफ हर जगह फैल चुका था। मेरठ में ड्रम की दुकानों पर सन्नाटा पसरा दिखाई देने लगा था। मेरठ में पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति के 15 टुकड़े कर नीले ड्रम में पैक कर दिया था. जिसके बाद से नीले ड्र्म को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारी वीडियो बन रही हैं। सौरभ हत्यकांड के मुख्य आरोपी साहिल और मुस्कान ने नीले ड्रम में लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश की थी. ये ड्रम मेरठ के जली कोठी इलाके से खरीदा गया था। गौरतलब है कि सौरभ हत्याकांड के बाद सिर को धड़ से अलग कर, कलाईयों को काटकर नीले ड्रम में रखा गया था, सिर को अलग रखा गया था, धड़ को अलग रखा गया था, चाकू अलग रखा गया था और कलाईयां अलग रखी गईं थीं. आजकल नीले ड्रम को लेकर तमाम कॉमेडी के वीडियोज भी वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में नीले ड्रम का मजाक बनाया जा रहा है कि भाई नीला ड्रम घर से ले जाओ चाहे फ्री ही ले जाओ, कई वीडियोज में तो ये भी दिखाया गया कि जैसे ही पत्नी नीला ड्रम लेकर आती हैं पति कोसों दूर भागता नजर आता है।
औरैया में दिलीप यादव की हत्या
मेरठ की धटना के कुछ ही दिनों बाद औरैया जिले से प्रगति यादव का मामला सामने आया, जिसमें शादी के 14 दिन बाद ही पति की हत्या की साजिश रची गई। इन घटनाओं ने यह बहस तेज कर दी कि कई मामलों में पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। यह घटना मेरठ की चर्चित मुस्कान हत्याकांड जैसी ही है, जिसमें नई नवेली दुल्हन ने पति को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी दी थी। आरोपी पत्नी प्रगति यादव ने पति दिलीप यादव की हत्या के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से 1 लाख रुपये उसने अपनी शादी में मिले उपहारों से जुटाए थे। इसके बाद वह लगातार पति की लोकेशन सुपारी किलर्स को भेजती रही। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए प्रगति यादव, उसके प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू और मुख्य सुपारी किलर रामजी नागर को गिरफ्तार कर लिया था। मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के नगला दीपा गांव के रहने वाले 24 वर्षीय दिलीप यादव की शादी 5 मार्च 2024 को औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के सिहापुर गांव की रहने वाली प्रगति यादव से हुई थी। वह महज 5 दिन ससुराल में रहने के बाद मायके लौट गई और वहीं से पूरी वारदात को अंजाम दिया। 19 मार्च को दिलीप यादव, जो हाइड्रा क्रेन ऑपरेटर था, कन्नौज में काम खत्म करके अपने घर लौट रहा था। रास्ते में सहार थाना क्षेत्र के एक होटल पर रुका, तभी कुछ बाइक सवार वहां पहुंचे। उन्होंने दिलीप को बहाने से अपने साथ बुलाया और अगवा कर लिया। 21 मार्च को दिलीप का शव पलिया गांव के पास मिला। उसके सिर में 315 बोर के तमंचे से गोली मारी गई थी।
महोबा का श्याम सुन्दर हत्याकाण्ड
उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में नंदोई के प्यार में पागल तीन बच्चों की मां ने अपने ही पति को प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। सात जन्मों तक रिश्ता निभाने की कसमें खाने वाली पत्नी के अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने इरादे से शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया था।जिसका क्षतविक्षत अवस्था में शव पड़ा मिलने से जंगली जानवरों द्वारा शव को नुकसान पहुंचाने की आशंका जता पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। मृतक के बेटे द्वारा अपनी ही बुआ के बेटे पर मां से प्रेम संबंध होने के शक में पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच करा कार्रवाई की माँग की गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो दिल को दहला देने वाला सच सामने आया जिसने सभी को हैरत में डाल दिया। दरअसल मामला कबरई थाना व कस्बा क्षेत्र के शास्त्री नगर इलाके का है। जहाँ के रहने बाले 45 वर्षीय श्याम सुंदर सेन का शव बीते 11 दिसम्बर को पहाड़ पर क्षतविक्षत अवस्था मे पड़ा मिला था। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। जिसमे सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने आरोपी मृतक की पत्नी और भांजे को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है । दरअसल कबरई कस्बा में रहने बाले 45 वर्षीय श्याम सुंदर अपनी पत्नी गोमती और तीन बच्चों के साथ रहते थे। बीते 8 माह से सीमावर्ती बाँदा जिले के मटोंध कस्बे का रहने वाला मृतक का भांजा सुजीत भी साथ रहने लगा था और धीरे-धीरे मामी और भांजे में प्यार परवान चढ़ने लगा और इस हद तक पहुँच गया कि प्रेम में बाधा बन रहे श्याम सुंदर को ठिकाने लगाने की मृतक की पत्नी और भांजे ने साजिश रच डाली। आरोप है कि मृतक की पत्नी ने अपने भांजे के साथ मिलकर पति श्याम सुंदर की पहले गला घोंटा और उसके बाद पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने की नियत से शव को ठिकाने लगाने के लिए घर के पीछे सुनसान इलाके में बनी बगिया में फेंक दिया। मृतक की बेटी ने बताया कि हमारे पिता जी को हमारी छोटी बुआ के लड़के और मम्मी ने मिलकर मारा था। पहले से घर मे लड़ाई -झगड़े चल रहे थे जिसकी हमे जानकारी नही थी जब हम लोगो ने कार्यवाही शुरू करवाई तो इस साजिश का खुलासा हुआ। मृतका के बेटे कृष्णकांत और पड़ोसी उत्कर्ष त्रिपाठी ने बताया कि पिता की हत्या हमारी मां और बुआ के लड़के ने मिलकर की थी जिसकी जानकारी हम लोगों पुलिस को जानकारी दी और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
अब भले ही बीते साल मर्दों के साथ हुए कई आपराधिक मामले सामने आए पर इसका दूसरा पहलू भी है। साथ ही इन वारदातों से सभी महिलाओं पर सवाल उठाना सही नहीं है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध आज भी बड़ी संख्या में होते आ रहे हैं। घरेलू हिंसा, दहेज और यौन अपराध जैसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कहीं-न-कहीं बहस का संतुलन बिगड़ गया और एक जेंडर को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया गया। फिर भी 2025 में खासकर पुरुषों के साथ घटित वारदातों ने देश के लोगों के ज़हन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सब के बीच यह चीज़ भी सामने आई की पुरुषों की मानसिक सेहत, झूठे मामलों और कानूनी सुधारों पर खुलकर बात होनी चाहिए। अदालतों ने भी कुछ मामलों में सख्त टिप्पणियां कीं, जिससे यह साफ हो गया कि कानूनों में सुधार जरूरी है, लेकिन किसी एक वर्ग को दोषी ठहराकर समाधान नहीं निकलेगा। ऐसे में जरूरी है की जेंडर न्यूट्रल कानूनों को इम्प्लीमेंट किया जाए। साथ ही झूठे मामलों पर सख्त सजा और समाज में सोच बदलने की भी जरूरत है। अतुल जैसे मामलों को रोकने के लिए पुरुष और महिला दोनों की बात सुनना जरूरी है। 2025 ने बहस शुरू की है और अब उम्मीद है कि 2026 में आएगा.....।



