उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आज सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। राजस्थान के सूरतगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर दबिश देकर लौट रही निबोहरा थाना पुलिस की टीम की अर्टिगा कार आगरा-जयपुर हाईवे पर फतेहपुर सीकरी के पास खड़े ट्रक से जोरदार टक्कर मार बैठी। इस भयानक दुर्घटना में हेड कॉन्स्टेबल गौरव प्रताप सिंह और कार चालक देव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, थाना प्रभारी (दरोगा) गौरव कुमार समेत पांच अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की तीव्रता इतनी थी कि कार की पूरी छत उड़ गई और शव बोनट में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए एनएचएआई कर्मचारियों को कटर का सहारा लेना पड़ा।
यह हादसा रविवार सुबह करीब 5 बजे फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के रिलायंस पेट्रोल पंप के निकट हुआ। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि लंबी दबिश के थकान से चालक देव को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे चारों तरफ बिखर गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तत्काल सीकरी पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल और एनएचएआई की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को फौरन सीएचसी फतेहपुर सीकरी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत वाले मरीजों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मृतकों में हेड कॉन्स्टेबल गौरव प्रताप सिंह निबोहरा थाने में तैनात थे और उनका परिवार आगरा के ही एक मोहल्ले में रहता है। 35 वर्षीय गौरव तीन बच्चों के पिता थे और विभाग में उनकी सक्रियता के लिए जाना जाता था। वहीं, चालक देव एक अनुबंधित ड्राइवर थे, जो पुलिस विभाग के लिए लंबे समय से सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। गौरव के भाई ने बताया, "भैया कल रात ही फोन पर बात हुई थी। वे कह रहे थे कि दबिश सफल रही है और सुबह लौट आएंगे। आज सुबह खबर आई तो पूरा घर उजड़ गया।" इसी तरह, देव की पत्नी रोते हुए बोलीं, "वे हमेशा कहते थे कि सावधानी से चलाना। आज ये क्या हो गया?"
पुलिस विभाग में इस हादसे ने शोक की लहर दौड़ा दी है। निबोहरा थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जयनारायण सिंह सुबह ही फतेहपुर सीकरी के लिए रवाना हो गए थे। एसएसपी आगरा डॉ. सुनील कुमार ने बताया, "यह एक दुखद घटना है। हमारी टीम राजस्थान में एक अंतरराज्यीय शराब तस्करी के रैकेट पर कार्रवाई करने गई थी। दबिश में कई गिरफ्तारियां हुईं और जब्ती की गई। लौटते वक्त यह हादसा हुआ। मैंने घायलों के इलाज के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। विभाग मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देगा।" एसएसपी ने आगे कहा कि हाईवे पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, क्योंकि इस रूट पर अक्सर तेज रफ्तार और थकान से हादसे होते रहते हैं।
यह दबिश निबोहरा थाने की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई का हिस्सा थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को राजस्थान के सूरतगढ़ में उत्तर प्रदेश से जुड़े एक बड़े शराब तस्करी सिंडिकेट की जानकारी मिली थी। शुक्रवार रात से शुरू हुई इस दबिश में थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने छापेमारी की। टीम ने दो गोदामों से सैकड़ों लीटर विदेशी शराब जब्त की और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में बढ़ती शराब तस्करी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। दबिश के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई, लेकिन लंबी यात्रा के कारण थकान हादसे का कारण बनी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पुलिसकर्मी अक्सर रात्रिकालीन दबिशों में भाग लेते हैं, जिससे ड्यूटी के बाद आराम की कमी रहती है। विभाग को ऐसे मामलों में रोटेशन सिस्टम मजबूत करना चाहिए।"
फतेहपुर सीकरी थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है और वाहन जब्त कर लिया गया। हादसे के कारण हाईवे पर करीब एक घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिसे एनएचएआई ने संभाला। राहगीरों ने बताया कि सुबह के समय कोहरा भी था, जो दृश्यता को प्रभावित कर सकता था। एक चश्मदीद ने कहा, "कार तेज स्पीड में आ रही थी। अचानक ब्रेक की आवाज आई और फिर धमाका। ट्रक साइड में खड़ा था, लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा चूर-चूर हो गया।"
यह हादसा आगरा-जयपुर हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों की एक कड़ी जोड़ता है। पिछले एक साल में इस रूट पर 50 से अधिक दुर्घटनाओं में 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में तेज रफ्तार, नींद की झपकी और खराब सड़कें जिम्मेदार रहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर स्पीड ब्रेकर, बेहतर लाइटिंग और नियमित चेकिंग स्टेशन की जरूरत है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि वे हादसे की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा उपायों पर काम तेज करेंगे।
मृतकों के पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार सोमवार को होगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। घायल दरोगा गौरव कुमार की हालत अभी नाजुक बनी हुई है, जबकि अन्य चार कॉन्स्टेबल स्थिर हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने कहा, "चोटें गंभीर हैं, लेकिन समय पर इलाज से सभी ठीक हो जाएंगे।



