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कानपुर देहात की जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक अभियोग में सुनाई मृत्युदंड की सजा, जाने क्या था आरोप ?

कानपुर देहात की जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक अभियोग में सुनाई मृत्युदंड की सजा, जाने क्या था आरोप ?

कानपुर देहात में 23 जुलाई 2024 को बांके से हमला करके 6 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में अदालत ने दीपू पुत्र मनु लाल को बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 118 (1), 115 का दोषी माना और मृत्यु दंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही 15 लाख 30 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया। ‌

कानपुर देहात की एडीजे 6 स्पेशल जज गैंगेस्टर कोर्ट ने अभियुक्त को मृत्युदंड और अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही एक निजी अस्पताल को पीड़ितों के इलाज के दौरान ली गई राशि को वापस करने के आदेश दिए है। न्यायालय ने करीब एक वर्ष पुराने मामले में बड़ी सजा सुनाई है। अभियुक्त ने अपनी पत्नी और उसके परिवार पर कातिलाना हमला बोला था। जिसमें एक मासूम की मौत हो गई थी और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

दरअसल जनपद कानपुर देहात के भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के पिपरी गांव में बीते वर्ष 2024 के जुलाई माह की 22 तारीख की रात को पीड़िता पूजा के दूसरे पति दीपू ने पूजा उसके पुत्र उमंग और आयुष के साथ-साथ देवर महेंद्र देवरानी बीना, भतीजे सूर्यांश और 6 वर्षीय मासूम भतीजी काव्या पर धारदार हथिसार से से जानलेवा हमला किया था। जिसमें 6 वर्षीय मासूम काव्या की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से प्रशासन ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

वहीं पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 118(1), 115 में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज एडीजे 6 स्पेशल जज गैंगेस्टर न्यायालय ने अभियुक्त दीपू को मृत्युदंड के साथ साथ 15 लाख 30 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही निजी अस्पताल को उपचार के दौरान पीड़ितों से ली गई राशि को वापस करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता पूजा खुश दिखाई दी। पूजा ने कहा- मेरे पापी पति को आखिरकार भगवान ने सजा दे दी। अब उसे फांसी होगी। आज मेरी मासूम बच्ची काव्या को न्याय मिल गया। इतना कह कर पूजा रोने लगी। उसकी आंख भर आई। फिर पूजा ने कहा दूसरी शादी करना मेरी सबसे बड़ी गलती थी। शादी नहीं की होती तो वह मासूम आज जिंदा होती।

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