टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भी सूर्यकुमार यादव के लिए हालात आसान नहीं दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी खराब फॉर्म ने टीम इंडिया में उनकी जगह को खतरे में डाल दिया है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा है, जिससे चयनकर्ताओं की नजरें उन पर टिक गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में अपनी जगह बचा पाएंगे।
आयरलैंड दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट
आईपीएल के बाद टीम इंडिया को आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा करना है, जहां सूर्यकुमार यादव कप्तानी करेंगे। लेकिन इस बार उनकी कप्तानी से ज्यादा उनकी बल्लेबाजी पर फोकस रहेगा। यह दौरा उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर यहां उनका बल्ला नहीं चला, तो आगे की राह मुश्किल हो सकती है।
ओलंपिक और वर्ल्ड कप पर असर
2028 में लॉस एंजेलिस ओलंपिक और अगला टी20 वर्ल्ड कप बड़े लक्ष्य हैं। लेकिन अगर सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन लगातार गिरता रहा, तो इन टूर्नामेंट्स में उनकी जगह पर सवाल उठ सकते हैं। उम्र भी एक बड़ा फैक्टर बन रही है, क्योंकि उस समय वह करीब 38 साल के होंगे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर भी विचार कर सकता है।
कोच का मिला समर्थन
सूर्यकुमार के लिए अच्छी बात यह है कि टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का समर्थन उन्हें मिल रहा है। गंभीर उन्हें टीम का अहम हिस्सा मानते हैं और चाहते हैं कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप तक टीम में बने रहें। हालांकि अंतिम फैसला चयन समिति को लेना है और वह सिर्फ प्रदर्शन को प्राथमिकता दे सकती है।
रिकॉर्ड भी दे रहे संकेत
सूर्यकुमार यादव का 2025 का साल बेहद खराब रहा, जब उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे चला गया और वह एक भी अर्धशतक नहीं बना सके। हालांकि 2026 में उन्होंने वापसी की और टी20 वर्ल्ड कप तक 160 से ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाए। इसके बावजूद बड़ी टीमों के खिलाफ उनका प्रदर्शन कमजोर रहा, जो चिंता का विषय है।
अब हर मैच जरूरी
अब सूर्यकुमार यादव के लिए हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा बन गया है। उन्हें न सिर्फ रन बनाने होंगे, बल्कि बड़े मुकाबलों में खुद को साबित करना होगा। अगर वह ऐसा करने में सफल होते हैं, तो उनकी जगह सुरक्षित रह सकती है, वरना टीम इंडिया में उनकी भूमिका पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
